भीलवाड़ा में बिजली के खंभे में लगी भीषण आग: दर्जनों घरों के उपकरण जलकर खाक, लोगों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन

बुधवार को भीलवाड़ा के कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी हरणी, वार्ड नंबर 26 के सैकड़ों नागरिक जमा थे। वजह थी मंगलवार की रात हुई एक घटना, जिसने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेजाजी मंदिर के पास स्थित बिजली के खंभे में अचानक तेज स्पार्किंग के साथ भीषण आग लग गई। शाम 7:05 से 7:45 तक — पूरे 40 मिनट — आग की लपटें धधकती रहीं और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान हाई-वोल्टेज की स्पार्किंग से दर्जनों घरों के महंगे घरेलू उपकरण पूरी तरह जलकर खाक हो गए। अब पीड़ित परिवार मुआवजे, दोषियों पर कार्रवाई और जर्जर लाइनों की तकनीकी ऑडिट की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं।

मंगलवार रात क्या-क्या हुआ

घटना की शुरुआत मंगलवार शाम को हुई। तेजाजी मंदिर के पास स्थित एक विद्युत खंभे में अचानक तेज स्पार्किंग शुरू हुई और देखते ही देखते भीषण आग भड़क गई। स्थानीय नागरिकों के अनुसार आग की लपटें शाम 7:05 बजे से लेकर 7:45 बजे तक निकलती रहीं। आग लगते ही क्षेत्र में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। आग के कारण इलाके की बिजली व्यवस्था चरमरा गई और हाई-वोल्टेज की स्पार्किंग ने सीधे घरों तक नुकसान पहुंचा दिया।

दर्जनों घरों में लाखों का नुकसान

फॉल्ट और हाई-वोल्टेज का सबसे बड़ा खामियाजा आम घरों को भुगतना पड़ा। दर्जनों घरों में टीवी, फ्रिज, पंखे, कूलर और पानी की मोटरें — वे सभी उपकरण जो एक मध्यमवर्गीय परिवार की बुनियादी जरूरत हैं — जलकर पूरी तरह बेकार हो गए। एक परिवार के लिए फ्रिज या टीवी सिर्फ एक उपकरण नहीं, महीनों की बचत का नतीजा होता है। पानी की मोटर का जल जाना दोहरी मार है, क्योंकि इससे रोजाना के पानी का इंतजाम भी बाधित हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कुल नुकसान लाखों रुपये में है और अब तक इसकी कोई आधिकारिक गिनती या सर्वे शुरू नहीं किया गया है।

एक घंटे तक मदद क्यों नहीं पहुंची

इस मामले का सबसे बड़ा सवाल बिजली विभाग और सिक्योर कंपनी की भूमिका पर है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि आग लगते ही उन्होंने बार-बार कंट्रोल रूम को फोन किया और गुहार लगाई कि बिजली आपूर्ति तुरंत बंद की जाए और तकनीकी दल या दमकल मौके पर भेजा जाए। लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी समय पर कोई नहीं पहुंचा। लगभग एक घंटे तक खंभा जलता रहा। इतने लंबे समय तक हाई-वोल्टेज स्पार्किंग का जारी रहना अपने आप में गंभीर तकनीकी चूक की ओर इशारा करता है। ग्रामीण इसे प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही का सीधा नतीजा मान रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि देरी से पहुंचने वाले अधिकारियों व कर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन और चार बड़ी मांगें

बुधवार को वार्ड नंबर 26, बड़ी हरणी के ग्रामीण पार्षद शंकरलाल जाट के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे। उग्र तेवर के साथ प्रदर्शन करते हुए उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और चार स्पष्ट मांगें रखीं — तत्काल मुआवजा, जिम्मेदारों पर कार्रवाई, जर्जर विद्युत लाइनों की तकनीकी ऑडिट और समय पर कदम न उठाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी।

पहली मांग के तहत कहा गया कि विद्युत विभाग, सिक्योर कंपनी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम से सर्वे करवाकर सभी पीड़ित परिवारों को उनके नुकसान का पूरा मुआवजा तुरंत दिया जाए। दूसरी मांग में सूचना मिलने के बावजूद एक घंटे तक बिजली न काटने और देरी से पहुंचने वाले लापरवाह अधिकारियों व कर्मियों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। तीसरी मांग में भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र की पुरानी व जर्जर विद्युत लाइनों, इंसुलेटरों और खंभों की तकनीकी ऑडिट कराने की बात कही गई। वहीं चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्रवासी सिक्योर कंपनी और प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन और धरना देने के लिए विवश होंगे।

सिर्फ हरणी नहीं — दूसरी जगहों पर भी आग

यह घटना अकेली नहीं है। खबरों के अनुसार भीलवाड़ा में ट्रांसफार्मर में आग लगने से कई जगहों पर अफरातफरी मची। हरनी गांव के अलावा आरसी व्यास कॉलोनी में भी आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिससे कई गांवों और इलाकों में बिजली गुल हो गई। दमकल की देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। एक ही शहर में एक साथ कई जगहों पर आग की घटनाएं बिजली तंत्र की जर्जरता और रखरखाव की कमी की ओर इशारा करती हैं।

तथ्य विवरण
घटना स्थल तेजाजी मंदिर के पास, वार्ड नंबर 26, बड़ी हरणी, भीलवाड़ा
आग का समय मंगलवार शाम 7:05 से 7:45 बजे तक (लगभग 40 मिनट)
कारण विद्युत खंभे में तेज स्पार्किंग व फॉल्ट, हाई-वोल्टेज
नुकसान दर्जनों घरों के टीवी, फ्रिज, पंखे, कूलर, पानी की मोटरें जलीं
प्रदर्शन बुधवार को कलेक्ट्रेट पर, पार्षद शंकरलाल जाट के नेतृत्व में
मुख्य मांगें मुआवजा, दोषियों पर कार्रवाई, तकनीकी ऑडिट, आंदोलन की चेतावनी
अन्य घटनाएं हरनी गांव व आरसी व्यास कॉलोनी में भी आग, कई जगह बिजली गुल

बिजली से नुकसान हो तो क्या करें — आपके अधिकार

बिजली फॉल्ट या हाई-वोल्टेज से नुकसान होने पर उपभोक्ता के पास कुछ स्पष्ट विकल्प होते हैं। सबसे पहले, घटना की तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित रखें और नुकसान हुए उपकरणों की सूची बनाएं। इसके बाद संबंधित डिस्कॉम के उपभोक्ता सेवा केंद्र या 1912 — बिजली की राष्ट्रीय हेल्पलाइन — पर शिकायत दर्ज कराएं और शिकायत संख्या जरूर लें।

लिखित शिकायत में घटना का समय, स्थल और नुकसान का ब्योरा स्पष्ट लिखें। यदि कंपनी से संतोषजनक जवाब न मिले, तो उपभोक्ता मंच में मुआवजे का दावा किया जा सकता है। याद रखें कि बिजली से हुए नुकसान के मामलों में घटना के दस्तावेज, शिकायत की प्रतियां और नुकसान के सबूत सबसे अहम होते हैं।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि जिला प्रशासन पीड़ितों के ज्ञापन पर कितनी तेजी से कदम उठाता है — क्या संयुक्त सर्वे शुरू होता है, क्या दोषी अधिकारी चिह्नित होते हैं और क्या जर्जर लाइनों की ऑडिट वाकई जमीन पर उतरती है।

FAQ

प्रश्न: भीलवाड़ा में आग की घटना कहां हुई?

उत्तर: वार्ड नंबर 26, बड़ी हरणी में तेजाजी मंदिर के पास स्थित विद्युत खंभे में आग लगी। इसके अलावा हरनी गांव और आरसी व्यास कॉलोनी में भी आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

प्रश्न: आग कितने समय तक धधकती रही?

उत्तर: मंगलवार शाम 7:05 बजे से 7:45 बजे तक — यानी लगभग 40 मिनट तक आग की लपटें निकलती रहीं।

प्रश्न: ग्रामीणों की मुख्य मांगें क्या हैं?

उत्तर: नुकसान का पूरा मुआवजा, लापरवाह अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई, पुरानी व जर्जर बिजली लाइनों की तकनीकी ऑडिट और समय पर कदम न उठाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी।

प्रश्न: बिजली फॉल्ट से नुकसान पर शिकायत कहां दर्ज करें?

उत्तर: संबंधित डिस्कॉम के उपभोक्ता सेवा केंद्र या 1912 (बिजली की राष्ट्रीय हेल्पलाइन) पर शिकायत दर्ज कराकर शिकायत संख्या लें। संतोषजनक समाधान न मिलने पर उपभोक्ता मंच में दावा किया जा सकता है।

Leave a Comment