रविवार की सुबह जब झालावाड़ के लोग अभी घरों से बाहर निकल ही रहे थे, तब जिले की पुलिस एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दे चुकी थी जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। जिले के 27 थानों की 76 विशेष टीमों ने एक ही समय पर 348 ठिकानों पर दबिश दी और करीब 194 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। जिला पुलिस के इतिहास में एक दिन में इतनी बड़ी गिरफ्तारी का यह पहला मौका है। पुलिस का दावा है कि इस एक दिवसीय “एरिया डोमिनेशन अभियान” से जिले भर के अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
एक दिन में 194 गिरफ्तारी — जिले के लिए क्या मायने रखता है यह आंकड़ा
194 का आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं है। इसके पीछे वे लोग हैं जो लंबे समय से वारंट पर फरार थे, जो हार्डकोर अपराध की सूची में दर्ज थे और जो जमानत के बाद दोबारा अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गए थे। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में 70 ऐसे हार्डकोर और हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं जिनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारियों का ब्योरा देखें तो 29 सक्रिय अपराधियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई हुई, जबकि चोरी, मारपीट, सड़क दुर्घटना और अन्य मामलों में वांछित 30 आरोपी भी पकड़े गए। आबकारी अधिनियम के तहत सदर झालावाड़, अकलेरा और डग थाना क्षेत्रों में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए, वहीं भालता थाना क्षेत्र में आबकारी एक्ट के एक मामले में एक और आरोपी दबोचा गया। एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले में भी एक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा। फायरिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में भी पुलिस ने सख्ती दिखाई है।
सुबह से शुरू हुआ ऑपरेशन, रणनीति पहले से तय थी
यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई थी। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के बाद जिले में एक दिवसीय एरिया डोमिनेशन अभियान चलाने का फैसला हुआ था। इसके लिए डीएसपी और थाना अधिकारियों को मिलाकर 27 थानों की 76 विशेष टीमें बनाई गईं। हर टीम को पहले से लक्ष्य सौंपे गए थे — किस ठिकाने पर कब और कैसे दबिश देनी है, इसकी पूरी रणनीति तैयार थी।
रविवार अलसुबह होते ही सभी टीमें एक साथ निकलीं और करीब 348 ठिकानों पर एक साथ दबिश देना शुरू कर दिया। पुलिस की यह रणनीति इसलिए खास थी क्योंकि एक साथ इतने ठिकानों पर छापेमारी से अपराधियों को भागने या सतर्क होने का मौका ही नहीं मिला। अलग-अलग टीमें संदिग्ध बस्तियों और अपराधियों के संभावित ठिकानों पर पहुंचीं और घेराबंदी करके एक-एक कर आरोपियों को दबोच लिया।
इन थाना क्षेत्रों में चली सबसे ज्यादा कार्रवाई
इस अभियान में जिले के लगभग हर थाना क्षेत्र को शामिल किया गया। कोतवाली, झालरापाटन, सदर झालावाड़, भवानीमंडी, अकलेरा, खानपुर, डग, पिड़ावा, सुनेल और रायपुर समेत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि वांछित अपराधियों, हार्डकोर व हिस्ट्रीशीटरों, वारंटियों और अन्य मामलों में फरार चल रहे आरोपियों को निशाना बनाया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के समन्वित अभियान का असर सिर्फ गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहता। जब एक ही दिन में इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई होती है, तो जिले के बाकी अपराधी भी दबाव में आ जाते हैं और कई फरार आरोपी खुद को कानून के हवाले करने पर मजबूर हो जाते हैं।
गिरफ्तारी का पूरा ब्योरा एक नजर में
| श्रेणी | गिरफ्तार आरोपियों की संख्या |
|---|---|
| कुल गिरफ्तार अपराधी | करीब 194 |
| हार्डकोर और हिस्ट्रीशीटर (निरोधात्मक कार्रवाई) | 70 |
| BNS धारा 170 के तहत (कानून-व्यवस्था) | 52 |
| चोरी, मारपीट, सड़क दुर्घटना आदि में वांछित | 30 |
| सक्रिय अपराधी (निरोधात्मक कार्रवाई) | 29 |
| आबकारी अधिनियम के तहत | 4 |
| एनडीपीएस एक्ट का मामला | 1 |
| दबिश दिए गए ठिकाने | 348 |
| गठित विशेष टीमें | 76 (27 थानों की) |
प्रदेश भर में चल रहा है “एरिया डोमिनेशन” का दौर
झालावाड़ की यह कार्रवाई अकेली नहीं है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर प्रदेश के कई जिलों में “एरिया डोमिनेशन” अभियान चलाया जा रहा है। अजमेर में साइबर एरिया डोमिनेशन एक्शन के तहत 42 टीमों ने 24 आरोपियों को दबोचा था, जो कमीशन के लालच में लोगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। वहीं जयपुर रेंज में 469 टीमों ने 3045 स्थानों पर दबिश देकर 1098 बदमाशों को गिरफ्तार किया था। यानी यह एक राज्यव्यापी रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद अपराधियों के नेटवर्क को एक साथ तोड़ना है।
गौरतलब है कि झालावाड़ पुलिस इससे पहले “ऑपरेशन शटर डाउन” के जरिए सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर चुकी है, जिसमें 51 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे और करोड़ों की संपत्ति जब्त हुई थी। इस पृष्ठभूमि में रविवार की कार्रवाई को जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की गंभीरता का एक और बड़ा संकेत माना जा रहा है।
आम नागरिकों के लिए इसका क्या मतलब है
पुलिस का कहना है कि इस अभियान का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। जिन इलाकों में चोरी, मारपीट और अवैध शराब की शिकायतें ज्यादा थीं, वहां अब स्थिति में सुधार की उम्मीद है। अगर आपके इलाके में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें — पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: झालावाड़ में यह अभियान कब चलाया गया?
जवाब: यह एक दिवसीय अभियान रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को चलाया गया। सुबह से ही 76 टीमें 348 ठिकानों पर दबिश देने के लिए निकली थीं।
सवाल: कुल कितने अपराधी गिरफ्तार किए गए?
जवाब: पुलिस के मुताबिक करीब 194 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 70 हार्डकोर और हिस्ट्रीशीटर भी शामिल हैं।
सवाल: “एरिया डोमिनेशन अभियान” क्या होता है?
जवाब: यह पुलिस की एक समन्वित रणनीति है जिसमें एक ही समय पर जिले भर के कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी जाती है, ताकि अपराधियों को भागने का मौका न मिले। यह अभियान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाया जाता है।
सवाल: क्या यह अभियान सिर्फ झालावाड़ तक सीमित है?
जवाब: नहीं। प्रदेश के कई जिलों में इसी तरह के अभियान चल रहे हैं। अजमेर में साइबर अपराधियों पर और जयपुर रेंज में 1098 बदमाशों की गिरफ्तारी इसी कड़ी का हिस्सा है।