राजस्थान में 14 IPS अधिकारियों का तबादला: सीकर, दौसा, फलोदी और सिरोही को मिले नए SP, पंचायत चुनाव से ठीक पहले खाकी में बड़ा फेरबदल

पंचायती राज चुनाव की तारीखों के ऐलान के ठीक साथ-साथ राजस्थान की खाकी में भी बड़ी हलचल हुई है। शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 14 अधिकारियों के तबादले और पदस्थापनाओं के आदेश जारी कर दिए। कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश में सीकर, दौसा, फलोदी और सिरोही — इन चार जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) बदल दिए गए हैं, जबकि जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में भी कई अहम पदों पर नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

ये फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरे जोर पर हैं। इसी हफ्ते राज्य निर्वाचन आयोग ने 14,403 ग्राम पंचायतों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव से जुड़े अधिकारियों के तबादले आमतौर पर प्रतिबंधित हो जाते हैं, इसलिए घोषणा से ठीक पहले सरकार ने पुलिस महकमे में यह सर्जरी की है।

चार जिलों के बदले कप्तान: कौन कहां नियुक्त

सबसे बड़ा असर जिला स्तर पर दिखा है। तबादला सूची के मुताबिक सीकर के नए पुलिस अधीक्षक संजीव नैन होंगे। दौसा में कुंदन कंवरिया को SP की कमान मिली है, जो इससे पहले जयपुर में SOG के SP के पद पर तैनात थे। फलोदी में आदित्य काकड़े नए SP बने हैं — वे इससे पहले टोंक में RAC की 9वीं बटालियन के कमांडेंट थे। सिरोही में अजेय सिंह राठौड़ को SP नियुक्त किया गया है।

निवर्तमान अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण पदों पर भेजा गया है। सीकर के SP प्रवीण नायक नूनावत को जयपुर में पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) बनाया गया है। दौसा के SP पीयूष दीक्षित अब जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के SP होंगे। फलोदी के SP सतनाम सिंह को जयपुर SOG में SP की जिम्मेदारी मिली है, जबकि सिरोही के पूर्व SP पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ को भरतपुर में RAC की 7वीं बटालियन का कमांडेंट नियुक्त किया गया है।

जयपुर कमिश्नरेट: क्राइम और कानून-व्यवस्था विंग में नई कमान

राजधानी जयपुर में भी पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव किया गया है। 2009 बैच के IPS अजय सिंह को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), जयपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 2009 बैच के ही डॉ. रामेश्वर सिंह को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम), जयपुर नियुक्त किया गया है।

2010 बैच के IPS विकास शर्मा को DIG पुलिस, SSB, जयपुर भेजा गया है, जबकि डॉ. राजीव पवार को DIG पुलिस, कार्मिक, पुलिस मुख्यालय जयपुर की जिम्मेदारी दी गई है। 2010 बैच के IPS मनीष अग्रवाल अब SP, SCRB, जयपुर होंगे। 2013 बैच के IPS योगेश गोयल को पुलिस उपायुक्त, क्राइम, जयपुर नियुक्त किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के इस पुनर्व्यवस्था से साफ है कि सरकार ने चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था, क्राइम कंट्रोल और ट्रैफिक प्रबंधन — तीनों मोर्चों पर अनुभवी अधिकारियों को अहम पदों पर लगाया है।

क्यों जरूरी था ये फेरबदल: चुनावी पृष्ठभूमि

तबादला आदेश पर संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह के हस्ताक्षर हैं। सूत्रों के अनुसार इस फेरबदल का सीधा संबंध पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया से है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चार चरणों में मतदान की घोषणा की है — पहला चरण 25 अक्टूबर से शुरू होगा। चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराना पुलिस महकमे की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

आचार संहिता लागू होने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े कलेक्टर, एसडीओ, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों के तबादले सामान्यत: प्रतिबंधित हो जाते हैं। इसके बाद केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में ही राज्य निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति से तबादले संभव होते हैं। यही वजह है कि आचार संहिता की घोषणा के साथ ही सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल को अंजाम दिया।

गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को ही राज्य सरकार ने 15 RAS अधिकारियों के तबादले भी किए थे, जिनमें ज्यादातर एसडीओ स्तर के अधिकारी थे। पुलिस और प्रशासनिक सेवा — दोनों मोर्चों पर एक के बाद एक हुए ये फेरबदल बताते हैं कि सरकार चुनावी तैयारियों को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती।

आम नागरिक के लिए इसका क्या मतलब है

जिला पुलिस अधीक्षक के बदलने का सीधा असर जिले की कानून-व्यवस्था पर पड़ता है। चुनावी माहौल में अवैध शराब, हथियार, पैसों के लेन-देन और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने की जिम्मेदारी नए SP की होगी। चारों जिलों — सीकर, दौसा, फलोदी और सिरोही — में नए पुलिस कप्तानों को चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था की समीक्षा करनी होगी और संवेदनशील इलाकों की पहचान कर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करनी होगी।

जयपुर में ट्रैफिक और क्राइम विंग में नई नियुक्तियों का असर राजधानी की दैनिक व्यवस्था पर भी पड़ेगा। त्योहारी सीजन (दशहरा-दिवाली) के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस प्रबंधन और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर नए अधिकारियों की कार्यशैली पर नजर रहेगी।

14 IPS तबादलों की पूरी सूची: नाम और नई पदस्थापना

क्र.अधिकारी का नामनई पदस्थापना
1अजय सिंहअतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), जयपुर
2डॉ. रामेश्वर सिंहअतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम), जयपुर
3विकास शर्माDIG पुलिस, SSB, जयपुर
4डॉ. राजीव पवारDIG पुलिस, कार्मिक, पुलिस मुख्यालय जयपुर
5मनीष अग्रवालSP, SCRB, जयपुर
6संजीव नैनSP, सीकर
7योगेश गोयलDCP (क्राइम), जयपुर
8सतनाम सिंहSP, SOG, जयपुर
9पीयूष दीक्षितSP, ACB, जयपुर
10कुंदन कंवरियाSP, दौसा
11प्रवीण नायक नूनावतDCP (ट्रैफिक), जयपुर
12अजेय सिंह राठौड़SP, सिरोही
13आदित्य काकड़ेSP, फलोदी
14पुष्पेंद्र सिंह राठौड़कमांडेंट, 7वीं बटालियन RAC, भरतपुर

आगे क्या: चुनावी तैयारियों पर नजर

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव अक्टूबर में और पंच-सरपंच के चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होंगे, जबकि पूरी चुनाव प्रक्रिया नवंबर 2026 के अंत तक संपन्न होनी है। इस लंबे चुनावी कैलेंडर में पुलिस प्रशासन की भूमिका निर्णायक रहेगी — मतदान केंद्रों की सुरक्षा, संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त बल की तैनाती और चुनावी हिंसा रोकने की तैयारियां नए अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होंगी।

पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार तबादला आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। नए नियुक्त अधिकारी अपने-अपने पदों पर कार्यभार संभालने के बाद चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: 3 अक्टूबर को कितने IPS अधिकारियों के तबादले हुए?

उत्तर: राज्य सरकार ने 14 IPS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं।

प्रश्न: किन जिलों को नए SP मिले हैं?

उत्तर: सीकर में संजीव नैन, दौसा में कुंदन कंवरिया, फलोदी में आदित्य काकड़े और सिरोही में अजेय सिंह राठौड़ नए पुलिस अधीक्षक नियुक्त किए गए हैं।

प्रश्न: जयपुर कमिश्नरेट में क्या बदलाव हुआ है?

उत्तर: अजय सिंह को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) और डॉ. रामेश्वर सिंह को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) की जिम्मेदारी मिली है। योगेश गोयल DCP (क्राइम) और प्रवीण नायक नूनावत DCP (ट्रैफिक) बनाए गए हैं।

प्रश्न: तबादले का पंचायत चुनाव से क्या संबंध है?

उत्तर: पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव से जुड़े अधिकारियों के तबादले प्रतिबंधित हो जाते हैं, इसलिए घोषणा से ठीक पहले सरकार ने यह फेरबदल किया है ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण हो सके।

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