Rajasthan Mausam 1 October: उदयपुर तक पहुंची मानसून विदाई रेखा, अब 2-3 दिन में पूरे प्रदेश से विदा होगा मानसून — 6-7 अक्टूबर से फिर बदल सकता है मौसम
जयपुर: राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अब घर वापसी की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून की वापसी रेखा अब उदयपुर तक पहुंच चुकी है, और अगले 2-3 दिनों के दौरान प्रदेश के बचे हिस्सों से भी इसके विदा होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। यानी राजस्थान से इस बार का मानसून सीजन अब अपने आखिरी पड़ाव पर है।
मानसून के कमजोर पड़ते ही प्रदेश में बारिश की गतिविधियां भी सिमटने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 5 अक्टूबर तक राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। 1 अक्टूबर को प्रदेश के किसी भी जिले के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। लेकिन राहत की एक और खबर भी है — 6-7 अक्टूबर के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में फिर बारिश का दौर बन सकता है।
उदयपुर तक पहुंची मानसून की विदाई रेखा, जानें रूट
IMD के ताजा अपडेट के अनुसार मानसून वापसी की रेखा फिलहाल गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा से लेकर नलिया तक बनी हुई है। यह रेखा राजस्थान में उदयपुर तक पहुंच चुकी है, जिसका मतलब है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों से मानसून पीछे हट चुका है और अब शेष हिस्सों से भी इसकी वापसी की प्रक्रिया चल रही है।
मौसम विभाग का आकलन है कि अगले 2-3 दिनों के दौरान प्रदेश के बाकी हिस्सों से भी दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश में मानसून का प्रभाव लगभग पूरी तरह खत्म हो जाएगा और मौसम मुख्यतः शुष्क हो जाएगा। याद रहे कि इस साल का मानसून सीजन पहले ही राजस्थान के लिए निराशाजनक रहा है — IMD के मुताबिक प्रदेश में करीब 12.6% कम बारिश दर्ज हुई।
पिछले 24 घंटे में इन जिलों में हुई बारिश, फलोदी रहा सबसे गर्म
बीते 24 घंटे के दौरान राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई। जयपुर, टोंक, उदयपुर और बीकानेर जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं फलोदी में प्रदेश का सबसे अधिक 38.0 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
हालांकि बारिश की गतिविधियों में कमी के साथ अब तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान में एंटी-साइक्लोनिक गतिविधि के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। यानी अक्टूबर की शुरुआत में दिन के समय गर्मी का असर बना रहेगा।
1 से 5 अक्टूबर: पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क, कहीं कोई चेतावनी नहीं
मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 अक्टूबर को राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद 3, 4 और 5 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहेंगी। इस दौरान ज्यादातर जिलों में आसमान साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि IMD के ताजा उपखंडवार चेतावनी अपडेट में पश्चिमी राजस्थान और पूर्वी राजस्थान, दोनों के लिए 1 से 7 अक्टूबर तक कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। यानी अगले कुछ दिनों में प्रदेश में किसी बड़े बारिश के दौर की संभावना नहीं है। स्थानीय परिस्थितियों के कारण पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इसे किसी बड़े बारिश के दौर के रूप में नहीं देखा जा रहा है।
दिनवार मौसम अनुमान
| अवधि | मौसम अनुमान |
|---|---|
| 1 अक्टूबर | मौसम मुख्यतः शुष्क, कोई चेतावनी नहीं — पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश संभव |
| 2 अक्टूबर | मुख्यतः शुष्क, आसमान साफ |
| 3 से 5 अक्टूबर | बारिश की गतिविधियां सीमित, दिन में गर्मी का असर |
| 6-7 अक्टूबर | पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर राजस्थान में बारिश संभव |
| 7-9 अक्टूबर | उत्तर-पूर्वी जिलों में बादल और गरज-चमक का नया दौर संभव |
दिन में गर्मी, रात में हल्की ठंडक — बढ़ रहा है दिन-रात का अंतर
मानसून की विदाई के साथ राजस्थान के मौसम में एक और बदलाव दिखाई देने लगा है। दिन में धूप के कारण गर्मी का असर बना रहेगा, जबकि रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने से कई इलाकों में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगा है।
सीकर और शेखावाटी सहित उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में रात और सुबह का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है। दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में दिन का तापमान अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है — फलोदी में 38 डिग्री तापमान इसका संकेत है।
6-7 अक्टूबर से फिर बदलेगा मौसम का मिजाज — इन जिलों में बारिश के आसार
अक्टूबर के पहले सप्ताह के दूसरे हिस्से में मौसम में फिर बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। 6-7 अक्टूबर के आसपास पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से राजस्थान के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बादल बनने और बारिश की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है।
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, रावतसर, नोहर, भादरा, सूरतगढ़, अनूपगढ़ और पंजाब-हरियाणा सीमा से लगे इलाकों में इसका असर पहले दिखाई दे सकता है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक भी हो सकती है, हालांकि इसकी वास्तविक तीव्रता पश्चिमी विक्षोभ की दिशा और ताकत पर निर्भर करेगी।
किसानों के लिए यह खबर अहम है — रबी की तैयारी के बीच 7-9 अक्टूबर की बारिश का अपडेट मौसम विभाग के अगले बुलेटिन में स्पष्ट होगा। फिलहाल इस समय उत्तर हरियाणा के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ का राजस्थान पर प्रभाव कमजोर है, इसलिए तत्काल व्यापक बारिश की संभावना नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: राजस्थान से मानसून की विदाई कब तक पूरी होने की संभावना है?
उत्तर: IMD के ताजा अपडेट के अनुसार मानसून वापसी की रेखा उदयपुर तक पहुंच चुकी है। अगले 2-3 दिनों के दौरान राजस्थान के बाकी हिस्सों से भी दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहने की संभावना है।
प्रश्न: 1 अक्टूबर को राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर: 1 अक्टूबर को राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया गया है, लेकिन व्यापक बारिश का अनुमान नहीं है।
प्रश्न: राजस्थान में अगली बारिश कब हो सकती है?
उत्तर: मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 6-7 अक्टूबर के आसपास पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ पहुंच सकता है। 7 से 9 अक्टूबर के बीच श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और आसपास के क्षेत्रों समेत उत्तरी राजस्थान में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
प्रश्न: मानसून की विदाई के बाद तापमान पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: मानसून की विदाई के बाद राजस्थान में दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ सकता है। दिन के समय धूप के कारण कई इलाकों में गर्मी महसूस होगी, जबकि रात के समय तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने से हल्की ठंडक बढ़ सकती है। पश्चिमी राजस्थान में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है, जबकि सीकर और शेखावाटी जैसे क्षेत्रों में रातें ठंडी होने की संभावना है। फलोदी में 38 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है।