राजस्थान के करौली जिले में शनिवार को बिजली के तारों ने एक ही दिन में दो जगह कहर बरपाया। चैनपुर गांव में खेत पर कृषि कार्य करते समय करंट लगने से 23 वर्षीय युवक की जान चली गई, तो मासलपुर तहसील के खूंडरी गांव में टूटी हुई 11 KV की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर एक पशुपालक परिवार की चार भैंसें मौके पर ही मर गईं। करौली करंट हादसे के बाद दोनों ही गांवों में बिजली निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश है, और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया है।
करौली करंट हादसे में चैनपुर के राजकुमार जाटव की मौत
करौली के चैनपुर गांव निवासी राजकुमार जाटव (23) शनिवार को अपने खेत में कृषि कार्य कर रहा था, तभी वह विद्युत करंट की चपेट में आ गया। करंट इतना जोरदार था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
युवक की आकस्मिक मौत से गांव में शोक की लहर छा गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव को करौली जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है, जहां आगे की कार्रवाई की जा रही है।
करौली करंट हादसे की दूसरी घटना: खूंडरी में 11 KV तार टूटने से चार भैंसों की मौत
उसी दिन मासलपुर तहसील के खूंडरी गांव में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिर गया, जिसमें करंट प्रवाहित था।
खूंडरी निवासी पशुपालक कुंवर सिंह गुर्जर और बनय सिंह गुर्जर अपनी भैंसों को चराने के लिए खेत की ओर निकले थे। गांव से कुछ ही दूरी पर जमीन पर पड़ा टूटा हुआ बिजली का तार करंट से भरा था। भैंसें इसकी चपेट में आईं और देखते ही देखते चारों की मौके पर ही मौत हो गई — जिस परिवार की रोजी-रोटी इन्हीं पशुओं पर टिकी थी, उसके लिए यह हादसा आर्थिक तबाही जैसा है।
करौली करंट हादसे के बाद बिजली निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
करौली करंट हादसे की दोनों घटनाओं की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। उन्होंने बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई और विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की मांग है कि विद्युत लाइनों का नियमित निरीक्षण और समय पर रखरखाव किया जाए, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो, और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता दी जाए।
गौरतलब है कि ऐसा ही एक करंट हादसा इसी हफ्ते अलवर के चिरखाना बस स्टैंड पर भी हुआ था, जहां 11 KV की लाइन की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे ऐसे हादसे बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करते हैं।
जर्जर बिजली लाइनों का खतरा: करौली करंट हादसा अकेला नहीं
करौली करंट हादसा अकेली घटना नहीं है — बीते कुछ दिनों में ही ऐसे मामले सामने आए हैं:
- कोटपूतली-बहरोड़ (18 अक्टूबर): बानसूर की चांदपुरी पंचायत में 11 KV लाइन टूटने से एक विधवा महिला की दो भैंसों की मौत हो गई। कुछ दिन पहले ही उनके पति का निधन हुआ था।
- अलवर, नारायणपुर (18 अक्टूबर): टूटी बिजली लाइन से दो भैंसों की मौत का एक और मामला सामने आया।
- करौली (30 जून 2026): भोपर नदी के पास टूटी 11 KV लाइन की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हो गई थी। परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर 18 घंटे तक धरना दिया था।
ये घटनाएं एक ही पैटर्न दिखाती हैं — जर्जर विद्युत लाइनों का टूटना, और उसके बाद जान-माल का नुकसान।
करंट से मौत या नुकसान पर क्या मुआवजा मिलता है?
राजस्थान में विद्युत निगमों के नियमों के तहत बिजली हादसों में मौत या गंभीर चोट पर मुआवजे का प्रावधान है। विभागीय लापरवाही साबित होने पर पीड़ित परिवार मुआवजे की मांग कर सकता है। ग्रामीणों की मांग है कि मुआवजे की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो। पीड़ित परिवार राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संबंधित विभागों से संपर्क कर सकते हैं।
हाईटेंशन लाइन के पास सुरक्षा के जरूरी नियम
बिजली के खंभों और हाईटेंशन लाइनों के आसपास काम करते समय कुछ बुनियादी सावधानियां जान बचा सकती हैं:
- टूटा तार दिखे तो दूर रहें: जमीन पर पड़ा टूटा हुआ तार जानलेवा हो सकता है, भले ही चिंगारी न दिखे। उससे 8-10 मीटर की दूरी रखें और तुरंत बिजली विभाग को सूचित करें।
- खेत में नजर रखें: खेतों के ऊपर से गुजरने वाली लाइनों की स्थिति पर ध्यान दें। जर्जर या ढीले तार दिखें तो पहले विभाग को बताएं, फिर काम करें।
- पशुओं को दूर रखें: पशुपालक अपने पशुओं को बिजली के खंभों और टूटे तारों के पास न जाने दें।
- लोहे के औजारों से दूरी: 11 KV लाइन के नीचे लोहे के औजार, पाइप या धातु की सीढ़ी लेकर न घूमें — झटका बिना छुए भी लग सकता है।
घटना का सारांश: एक नजर में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| घटना | खेत पर कृषि कार्य के दौरान युवक की करंट से मौत; 11 KV तार टूटने से 4 भैंसों की मौत |
| स्थान | चैनपुर गांव और खूंडरी गांव (मासलपुर तहसील), जिला करौली, राजस्थान |
| तारीख | 18 अक्टूबर 2026 (शनिवार) |
| मृतक | राजकुमार जाटव (23), पुत्र पृथ्वी जाटव, चैनपुर |
| पशु हानि | कुंवर सिंह गुर्जर और बनय सिंह गुर्जर (खूंडरी) की 4 भैंसें |
| हादसे के बाद | ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन, बिजली निगम के खिलाफ नाराजगी, मुआवजे की मांग |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: करौली करंट हादसा कहां और कब हुआ?
उत्तर: यह हादसा 18 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को राजस्थान के करौली जिले में हुआ। चैनपुर गांव में एक युवक की करंट से मौत हुई, जबकि मासलपुर तहसील के खूंडरी गांव में टूटी 11 KV लाइन से 4 भैंसों की मौत हो गई।
प्रश्न 2: करौली करंट हादसे में युवक की मौत कैसे हुई?
उत्तर: चैनपुर निवासी 23 वर्षीय राजकुमार जाटव खेत पर काम करते समय करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई।
प्रश्न 3: खूंडरी में भैंसों की मौत कैसे हुई?
उत्तर: खूंडरी में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिर गया था, जिसमें करंट प्रवाहित था। पशुपालक कुंवर सिंह गुर्जर और बनय सिंह गुर्जर की चार भैंसें इसकी चपेट में आकर मौके पर ही मर गईं।
प्रश्न 4: ग्रामीणों की क्या मांग है?
उत्तर: ग्रामीणों ने बिजली निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। उनकी मांग है कि विद्युत लाइनों का नियमित निरीक्षण और समय पर रखरखाव किया जाए, और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता दी जाए।
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