जापान के नागोया में चल रहे एशियाई खेल 2026 से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे देश के खेल प्रेमियों का सीना चौड़ा कर दिया है। हरियाणा की 26 वर्षीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने महिलाओं की ट्रैप शूटिंग व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह स्वर्ण कोई सामान्य पदक नहीं — नीरू एशियाई खेलों के इतिहास में ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जयपुर से उन्हें बधाई दी। बागडे ने कहा कि इस प्रदर्शन से पूरा देश गौरवान्वित हुआ है।
नौवां शॉट मिस हुआ, फिर भी गोल्ड — फाइनल की रोमांचक कहानी
फाइनल मुकाबले में नीरू ढांडा पूरी तरह अपनी लय में नजर आ रही थीं। शुरुआती शॉट्स में उन्होंने सटीक निशाने लगाए, लेकिन नौवें शॉट पर उनका पहला निशाना मिस हो गया। एक झटके में वह तीसरे पायदान पर खिसक गईं। उस क्षण लाखों दर्शकों की सांसें थम गईं, लेकिन नीरू ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।
उन्होंने जबर्दस्त वापसी की और तीसरी तथा चौथी सीरीज में एक के बाद एक परफेक्ट हिट्स लगाए। 20 शॉट्स में 19 हिट्स के साथ उन्होंने पहला स्थान वापस हासिल कर लिया। आखिरी सीरीज में लगातार पांच सटीक निशाने — कुल मिलाकर 30 में से सिर्फ दो शॉट मिस हुए और स्वर्ण पदक पक्का हो गया।
फाइनल में नीरू ने 28 का स्कोर किया — एशियाई रिकॉर्ड। इससे पहले का रिकॉर्ड 24 अंकों का था। चीन की सुन युनोंग ने 30 में से 26 शॉट सही लगाकर रजत पदक जीता, जबकि कुवैत की हजर अब्दुलमलिक 21 के स्कोर के साथ कांस्य पदक की हकदार बनीं।
क्वालिफिकेशन से फाइनल तक: शुरू से ही दिखी चैंपियन की झलक
खास बात यह है कि यह नीरू का पहला एशियाई खेल था — डेब्यू टूर्नामेंट में ही इतिहास। क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 118 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था, जो बता रहा था कि यह शूटर बड़े मंच के लिए तैयार है।
ट्रैप शूटिंग में खिलाड़ी को अलग-अलग कोणों से उड़ती मिट्टी की डिस्क पर निशाना लगाना होता है — इसमें आंख, हाथ और दिमाग का तालमेल चाहिए। नीरू ने जिस तरह दबाव के क्षणों में वापसी की, वह किसी अनुभवी खिलाड़ी जैसी परिपक्वता दिखाती है।
एक ही दिन में दो पदक: टीम इवेंट में रजत भी जीता
नीरू ढांडा की खुशियां इसलिए भी दोगुनी हैं क्योंकि इसी दिन उन्होंने ट्रैप टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीता — आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर।
टीम इवेंट के स्कोर पर एक नजर:
| टीम | खिलाड़ी (व्यक्तिगत स्कोर) | कुल स्कोर | पदक |
|---|---|---|---|
| चीन | लियू शानशान, सुन युनोंग, झू जिंग्यू | 346 | स्वर्ण |
| भारत | नीरू ढांडा (118), आशीमा अहलावत (106), मनीषा कीर (104) | 328 | रजत |
| कुवैत | अलहवाल शाहद, अब्दुलमलिक हाजर, अलहवाल सारा | 325 | कांस्य |
भारत की टीम चीन से 18 अंक पीछे रही, लेकिन कुवैत को 3 अंकों से पछाड़कर रजत पर कब्जा जमाया। एक ही दिन में व्यक्तिगत स्वर्ण और टीम रजत — नीरू के लिए यह दिन जीवनभर याद रखने वाला रहेगा।
1978 से 2026 तक: ट्रैप में भारत का लंबा सफर
नीरू ढांडा की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि भारत को ट्रैप शूटिंग में व्यक्तिगत स्वर्ण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इससे पहले 1978 में रणधीर सिंह (पुरुष ट्रैप) और 2010 में रोंजन सोढ़ी (पुरुष डबल ट्रैप) ने स्वर्ण जीता था। यानी महिलाओं के ट्रैप इवेंट में यह भारत का पहला स्वर्ण है, और नीरू इस स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी हैं।
दसवें दिन भारत की झोली में 7 पदक, अर्धशतक पूरा
29 सितंबर को एशियाई खेलों के दसवें दिन भारत ने कुल 7 पदक जीते, जिनमें दो स्वर्ण शामिल हैं। नीरू ढांडा के अलावा महिलाओं की 4×400 मीटर रिले टीम (किरण पहल, पूवम्मा माचेतिरा, प्राची, विथ्या रामराज) ने 3 मिनट 29.69 सेकंड के समय के साथ गोल्ड जीता — इन खेलों में एथलेटिक्स में भारत का पहला स्वर्ण। इसी दिन पूजा सिंह ने ऊंची कूद (1.84 मीटर) में कांस्य और मिश्रित 4×100 मीटर रिले टीम ने 41.06 सेकंड के साथ कांस्य जीता।
इन पदकों के साथ भारत के कुल पदकों का अर्धशतक पूरा हो गया — 6 स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य समेत कुल 52 पदक, और भारत पदक तालिका में दसवें स्थान पर पहुंच गया है।
राज्यपाल बागडे की बधाई और राजस्थान का कनेक्शन
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने नीरू ढांडा को बधाई देते हुए कहा कि उनके खेल प्रदर्शन से पूरा देश गौरवान्वित हुआ है। राज्यपाल ने भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के जारी रहने पर प्रसन्नता जताई और कहा कि देश को अपने इन खिलाड़ियों पर गर्व है।
यह बधाई सिर्फ औपचारिकता नहीं है। राजस्थान में निशानेबाजी की समृद्ध परंपरा रही है — यहां के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नाम रोशन किया है। नीरू की यह जीत राजस्थान के उन हजारों युवाओं के लिए भी संदेश है जो शूटिंग जैसे खेलों में अपना भविष्य देख रहे हैं।
युवाओं के लिए क्या संदेश है इस जीत में?
नीरू ढांडा की कहानी का सबसे बड़ा पाठ उनका डेब्यू प्रदर्शन है — पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच, फाइनल में निशाना मिस होना, और फिर वापसी करके एशियन रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण। यह बताता है कि खेल में असली लड़ाई दिमाग में होती है। जो खिलाड़ी एक मिस शॉट के बाद टूटता नहीं, वही चैंपियन बनता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: नीरू ढांडा ने एशियाई खेल 2026 में कौन-सा पदक जीता?
उत्तर: नीरू ढांडा ने महिलाओं की ट्रैप शूटिंग व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता — फाइनल में 28 के एशियन रिकॉर्ड स्कोर के साथ। इसी दिन उन्होंने टीम इवेंट में रजत भी जीता।
प्रश्न: क्या नीरू ढांडा ट्रैप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं?
उत्तर: हां। ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट में पदक जीतने वाली वह पहली भारतीय महिला हैं। इससे पहले 1978 में रणधीर सिंह (पुरुष ट्रैप) और 2010 में रोंजन सोढ़ी (पुरुष डबल ट्रैप) ने स्वर्ण जीता था।
प्रश्न: राजस्थान के राज्यपाल ने नीरू ढांडा को क्यों बधाई दी?
उत्तर: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जयपुर से नीरू को ऐतिहासिक स्वर्ण पर बधाई दी और कहा कि उनके प्रदर्शन से पूरा देश गौरवान्वित हुआ है।
प्रश्न: एशियाई खेल 2026 में भारत की पदक स्थिति क्या है?
उत्तर: दसवें दिन (29 सितंबर) के बाद भारत के कुल 52 पदक हो गए हैं — 6 स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य। भारत पदक तालिका में दसवें स्थान पर है।
नागोया से आई यह खबर सिर्फ एक पदक की नहीं — यह उस बदलाव की कहानी है जहां भारत की बेटियां विश्व खेल मंच पर इतिहास लिख रही हैं। नीरू ढांडा को बधाई!