हनुमान बेनीवाल की SI भर्ती-2021 पुनर्परीक्षा रद्द करने की मांग: “परीक्षा दोबारा हो, RPSC का पुनर्गठन करो”
जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की SI भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को राज्य सरकार से पुनर्परीक्षा रद्द कर परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग की है। बेनीवाल ने जयपुर में अपने आवास पर आंदोलनरत अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, और लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे।
गौरतलब है कि RPSC की ओर से SI भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा 20 सितंबर 2026 को आयोजित की जा चुकी है। यह परीक्षा मूल भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवादों के बाद दोबारा आयोजित की गई थी। आयोग ने पहले पात्रता को लेकर अलग व्यवस्था की थी, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद 2021 भर्ती के मूल आवेदकों को भी अस्थायी रूप से परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।
शहीद स्मारक पर धरना, फिर पुलिस कार्रवाई — अभ्यर्थियों से बेनीवाल की मुलाकात
मंगलवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर SI भर्ती के अभ्यर्थी पुनर्परीक्षा के प्रश्नपत्र को लेकर धरने पर बैठे थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि 20 सितंबर का पेपर निर्धारित पैटर्न और ट्रेंड से काफी अलग था, और दो घंटे में उसे हल करना मुश्किल रहा। धरने के दौरान पुलिस की कार्रवाई हुई, जिसके बाद हनुमान बेनीवाल ने अपने जयपुर आवास पर अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
बेनीवाल के अनुसार, अभ्यर्थियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर परीक्षा दोबारा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए परीक्षा रद्द करने के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। बेनीवाल ने दावा किया कि इस मामले को लेकर उन्होंने सरकार के सक्षम स्तर पर भी बातचीत की है, ताकि युवाओं के साथ न्याय हो सके।
RPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल, मुख्यमंत्री से पूछा — “पुनर्गठन का वादा कब पूरा होगा?”
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि RPSC पर प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी है, इसलिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने सरकार से भर्ती संस्थाओं की कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार करने की मांग की, ताकि अभ्यर्थियों को बार-बार न्यायालय का रुख न करना पड़े।
सबसे तीखा सवाल बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से किया। उन्होंने पूछा कि विधानसभा चुनाव से पहले RPSC के पुनर्गठन को लेकर किए गए वादे को कब पूरा किया जाएगा। बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से भी आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए गए हैं, ऐसे में सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उनके अनुसार, युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करना समय की जरूरत है।
SI भर्ती-2021 विवाद: कब क्या हुआ — पूरी टाइमलाइन
SI भर्ती-2021 का मामला राजस्थान की सबसे विवादित भर्तियों में से एक रहा है। पुनर्परीक्षा तक पहुंचने का सफर लंबा और जटिल रहा है:
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 2021 | RPSC द्वारा SI भर्ती-2021 की मूल परीक्षा का आयोजन |
| मूल परीक्षा के बाद | पेपर से जुड़े विवादों के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा |
| अंतरिम आदेश | हाईकोर्ट ने 2021 भर्ती के मूल आवेदकों को अस्थायी रूप से परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी |
| 20 सितंबर 2026 | RPSC ने SI भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा आयोजित की |
| 29 सितंबर 2026 | जयपुर के शहीद स्मारक पर अभ्यर्थियों का धरना, प्रश्नपत्र पर विरोध |
| 29 सितंबर 2026 | हनुमान बेनीवाल की परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा की मांग |
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने सरकार और RPSC के सामने कई मांगें रखी हैं:
1. पेपर की समीक्षा हो — अभ्यर्थियों का कहना है कि 20 सितंबर का प्रश्नपत्र तय पैटर्न से हटकर था, इसकी निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।
2. परीक्षा दोबारा आयोजित हो — पुनर्परीक्षा रद्द कर नई तारीख पर पारदर्शी परीक्षा हो।
3. RPSC में विशेषज्ञों की नियुक्ति — प्रश्नपत्र निर्माण और मूल्यांकन प्रक्रिया में विषय विशेषज्ञों को शामिल किया जाए।
4. भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता — परीक्षा से लेकर परिणाम तक हर चरण में जवाबदेही तय हो।
5. RPSC का पुनर्गठन — चुनाव से पहले किए गए वादे के मुताबिक आयोग का पुनर्गठन जल्द से जल्द हो।
अब आगे क्या होगा? तीन संभावित रास्ते
SI भर्ती-2021 के इस नए विवाद का हल फिलहाल सरकार और आयोग के पाले में है। पहला रास्ता यह है कि सरकार अभ्यर्थियों की मांग पर पुनर्परीक्षा रद्द कर नई परीक्षा की घोषणा करे, जैसा कि बेनीवाल ने मांग की है। दूसरा रास्ता यह है कि RPSC प्रश्नपत्र की समीक्षा कराए और उसके निष्कर्ष सार्वजनिक करे, ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा लौटे। तीसरा रास्ता न्यायिक है — अगर अभ्यर्थी हाईकोर्ट का रुख करते हैं, तो मामला एक बार फिर अदालत के हाथ में होगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह भर्ती पहले ही कई साल से अटकी हुई है। 2021 से शुरू हुई इस भर्ती का भविष्य अब भी अधर में है, और इसका सीधा असर हजारों अभ्यर्थियों के करियर पर पड़ रहा है। युवाओं की यही निराशा सड़क पर धरने और ज्ञापनों के रूप में सामने आ रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. SI भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा कब हुई थी?
A. RPSC ने SI भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा 20 सितंबर 2026 को आयोजित की थी।
Q2. हनुमान बेनीवाल ने क्या मांग की है?
A. बेनीवाल ने राज्य सरकार से SI भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा रद्द कर परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने RPSC के पुनर्गठन के चुनाव-पूर्व वादे को पूरा करने की भी मांग उठाई है।
Q3. अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा से क्या शिकायत है?
A. अभ्यर्थियों का आरोप है कि 20 सितंबर का प्रश्नपत्र निर्धारित पैटर्न और ट्रेंड से अलग था और दो घंटे में उसे हल करना मुश्किल रहा। उन्होंने पेपर की समीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।
Q4. क्या हाईकोर्ट ने इस भर्ती पर कोई आदेश दिया था?
A. हां, राजस्थान हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद 2021 भर्ती के मूल आवेदकों को भी अस्थायी रूप से पुनर्परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।
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