कोटा ऑपरेशन हॉक: हिस्ट्रीशीटर कमल उर्फ चौका समेत 3 बदमाश दबोचे, 5 पिस्टल-5 कारतूस बरामद

दीपावली से ठीक पहले कोटा पुलिस ने शहर के अपराध जगत को बड़ा झटका दिया है। कोटा अवैध हथियार गिरोह पर पुलिस की सर्जिकल कार्रवाई में तीन हथियारबंद बदमाश गिरफ्तार किए गए, जिनके पास से 5 अवैध पिस्टल और 5 कारतूस बरामद हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह के सरगना पर पहले से ही 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जवाहर नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस का दावा है कि आरोपी चोरी की वारदातों, आपसी रंजिश और इलाके में वर्चस्व कायम करने के लिए ये हथियार खरीदकर लाए थे।

पकड़े गए आरोपियों की पूरी कुंडली

जवाहर नगर थाना पुलिस और डीएसटी (जिला विशेष शाखा) की संयुक्त टीम ने घोड़ा बस्ती और दुर्गा बस्ती इलाके में दबिश देकर तीनों को घेराबंदी करके पकड़ा। तलाशी में सभी के पास से हथियार मिले।

आरोपी का नाम उम्र पता बरामदगी दर्ज मुकदमे
कमल उर्फ चौका 28 वर्ष घोड़ा बस्ती, कोटा 2 पिस्टल, 2 कारतूस 16 (हिस्ट्रीशीटर, जवाहर नगर थाना)
समीर अंसारी उर्फ गन्ज्या 25 वर्ष मोहनलाल सुखाड़िया कॉलोनी, नांता 2 पिस्टल, 2 कारतूस 15
कोहिनूर 21 वर्ष घोड़ा बस्ती, कोटा 1 पिस्टल, 1 कारतूस 6

कमल उर्फ चौका पर मारपीट, धमकी, अवैध हथियार और मादक पदार्थों से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक तीनों पर कुल 37 आपराधिक प्रकरण चल रहे हैं — यानी औसतन हर आरोपी के नाम पर एक दर्जन से ज्यादा केस।

डीएसटी की सूचना पर हुआ बड़ा खेल

पूरी कार्रवाई की जड़ एक पुख्ता सूचना थी। डीएसटी को खबर मिली थी कि हिस्ट्रीशीटर कमल उर्फ चौका अपने दो साथियों के साथ घोड़ा बस्ती इलाके में अवैध हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना मिलते ही जवाहर नगर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, इलाके की घेराबंदी की और तीनों को दबोच लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे हथियार चोरी की वारदातों को अंजाम देने, आपसी रंजिश निपटाने और इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने के इरादे से खरीदकर लाए थे। अब पुलिस का सबसे बड़ा सवाल यही है — ये पिस्टल कहां से खरीदी गईं और इस सप्लाई चेन में और कौन-कौन शामिल है। हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस ने पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया है।

ऑपरेशन H.A.W.K क्या है? जानिए कोटा पुलिस की रणनीति

कोटा पुलिस अवैध हथियारों के खिलाफ ऑपरेशन H.A.W.K (हॉक) के तहत लगातार अभियान चला रही है। इस ऑपरेशन का मकसद शहर में अवैध हथियारों की सप्लाई लाइन को तोड़ना और हथियारबंद अपराधियों पर नकेल कसना है। कोटा में पिछले कुछ महीनों से पुलिस ने हथियार तस्करी और हथियारबंद गिरोहों पर फोकस बढ़ाया है। कोटा में पुलिस की यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है — हाल ही में एक ASI पर बदसलूकी के आरोप में कार्रवाई भी सुर्खियों में रही थी।

अवैध हथियारों का मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि इनका इस्तेमाल डकैती, लूट, हत्या और फिरौती जैसी संगीन वारदातों में होता है। दीपावली के समय बाजारों में भीड़ और नकदी का प्रवाह बढ़ता है, ऐसे में हथियारबंद अपराधियों का सक्रिय होना पुलिस के लिए अतिरिक्त चिंता का विषय रहता है।

अब आगे क्या होगा? पुलिस की अगली रणनीति

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के मुख्य बिंदु ये हैं:

हथियारों का स्रोत: पिस्टल किससे खरीदी गईं? क्या ये मध्य प्रदेश या किसी दूसरे राज्य से तस्करी करके लाई गईं?

नेटवर्क का खुलासा: हथियार सप्लाई करने वालों और खरीददारों की पूरी चेन का पता लगाना।

मुकदमों की समीक्षा: तीनों पर दर्ज पुराने 37 मामलों में क्या ये हथियार पहले की वारदातों में इस्तेमाल हुए?

अन्य साथियों की तलाश: गिरोह से जुड़े और लोगों की पहचान और गिरफ्तारी।

अवैध हथियार रखने पर आर्म्स एक्ट के तहत सख्त सजा का प्रावधान है। बिना लाइसेंस पिस्टल रखने पर 7 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है, और अगर हथियार किसी संगीन अपराध में इस्तेमाल हुआ हो तो सजा और बढ़ सकती है।

दीपावली के समय अवैध हथियारों की तस्करी क्यों बढ़ती है?

त्योहारी सीजन में अवैध हथियारों की मांग और सप्लाई दोनों बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं। बाजारों में भीड़-भाड़ और व्यापारियों के पास नकदी होने से लूटपाट की वारदातों का खतरा बढ़ता है। आपसी रंजिश वाले गिरोह भी त्योहारों के समय वर्चस्व दिखाने की कोशिश करते हैं। जयपुर में भी पुलिस ने त्योहारी सीजन में सक्रिय अपराधियों पर शिकंजा कसा है — ऑपरेशन म्यूल हंटर में 21 साइबर ठग पकड़े गए थे।

पुलिस की अपील है कि अगर आपको कहीं संदिग्ध गतिविधि या अवैध हथियारों की जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल 1: कोटा में ऑपरेशन हॉक के तहत कितने बदमाश पकड़े गए?

जवाब: जवाहर नगर थाना पुलिस और डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई में तीन बदमाश गिरफ्तार किए गए — कमल उर्फ चौका (28), समीर अंसारी उर्फ गन्ज्या (25) और कोहिनूर (21)। तीनों के पास से 5 अवैध पिस्टल और 5 कारतूस बरामद हुए हैं।

सवाल 2: कमल उर्फ चौका कौन है और उस पर कितने मुकदमे हैं?

जवाब: कमल उर्फ चौका जवाहर नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ मारपीट, धमकी, अवैध हथियार और मादक पदार्थों से जुड़े कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह घोड़ा बस्ती, कोटा का रहने वाला है।

सवाल 3: आरोपी हथियार क्यों खरीदकर लाए थे?

जवाब: पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चोरी की वारदातों, आपसी रंजिश निपटाने और इलाके में वर्चस्व कायम करने के इरादे से अवैध हथियार खरीदकर लाए थे। पुलिस अब हथियारों के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क का पता लगा रही है।

सवाल 4: अवैध हथियार रखने पर क्या सजा होती है?

जवाब: आर्म्स एक्ट के तहत बिना लाइसेंस पिस्टल रखने पर 7 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। अगर हथियार किसी संगीन अपराध में इस्तेमाल हुआ हो तो सजा और अधिक हो सकती है।


स्रोत: न्यूज18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल डेस्क), प्रकाशन: 18 अक्टूबर 2026

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