सरसों भाव आज ने नया इतिहास बना दिया है। सलोनी प्लांट पर सरसों का दाम ₹10,000 प्रति क्विंटल का आंकड़ा पार कर गया है — यह सरसों के लिए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। दिवाली से ठीक पहले राजस्थान की मंडियों में सरसों भाव की यह तेजी किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला रही है।
पिछले कुछ दिनों से तेलहन बाजार में लगातार तेजी बनी हुई है। पुरानी फसल संभालकर रखने वाले किसानों के लिए यह खबर किसी सौगात से कम नहीं। अगर आपने भी सरसों का स्टॉक रखा है, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है — आज के ताजा भाव, तेजी की असली वजहें और आगे बाजार कहां जाएगा।
₹10,000 का आंकड़ा — सलोनी प्लांट और जयपुर मंडी के ताजा भाव
सबसे पहले वो आंकड़ा जिससे पूरा बाजार हिला हुआ है। बाजार रिपोर्टों के अनुसार सलोनी प्लांट के तीन प्रमुख केंद्रों — शमसाबाद, दिग्नेर और अलवर — पर सरसों का भाव ₹10,001 प्रति क्विंटल दर्ज हुआ है। अलवर केंद्र पर एक ही दिन में ₹75 की तेजी आई है, जो इन तीनों में सबसे ज्यादा है।
मुरैना और कोटा के सलोनी केंद्रों पर भी भाव ₹9,951 से ₹9,981 प्रति क्विंटल के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। यानी राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के प्लांट भाव भी रिकॉर्ड स्तर पर हैं।
राजस्थान की सबसे बड़ी सरसों मंडी, जयपुर में भी सरसों का भाव ₹9,125 से ₹9,150 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। देशभर की मंडियों में सरसों की कुल आवक करीब 2.25 लाख बोरी बताई जा रही है — मांग के मुकाबले आवक का यही अंतर भाव को ऊपर धकेल रहा है।
| मंडी / प्लांट | आज का भाव (₹/क्विंटल) | तेजी |
|---|---|---|
| सलोनी प्लांट, शमसाबाद | 10,001 | +51 |
| सलोनी प्लांट, दिग्नेर | 10,001 | +51 |
| सलोनी प्लांट, अलवर | 10,001 | +75 |
| सलोनी प्लांट, मुरैना | 9,981 | +55 |
| सलोनी प्लांट, कोटा | 9,951 | +51 |
| जयपुर मंडी (हाजिर) | 9,125–9,150 | +50 |
5 दिन में कितना बदला सरसों भाव — 12 अक्टूबर से तुलना
पांच दिन पहले की तस्वीर याद कीजिए। राजस्थान मंडी भाव 12 अक्टूबर 2026 के आंकड़ों में सरसों नोहर में ₹7800 से ₹8400, बीकानेर में ₹7500 से ₹8250 प्रति क्विंटल बिकी थी। आज जयपुर में ₹9,150 का हाजिर भाव बताता है कि पांच दिनों में सरसों भाव में करीब ₹800 से ₹1,600 प्रति क्विंटल की छलांग आई है। जिन किसानों ने 12 अक्टूबर के भाव देखकर बेचने में जल्दबाजी नहीं की, उनकी जेब में अब हजारों रुपये ज्यादा आएंगे।
रिकॉर्ड तेजी के पीछे की 5 असली वजहें
बाजार में कुछ भी बेवजह नहीं होता। कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार सरसों की इस रिकॉर्ड तेजी के पीछे पांच मजबूत कारण एक साथ काम कर रहे हैं:
1. दिवाली-छठ की त्योहारी मांग: खाद्य तेल की रिफाइनरियों और क्रशिंग मिलों को त्योहारों के सीजन में ज्यादा तेल चाहिए, इसलिए मिलें सक्रिय खरीद कर रही हैं।
2. सीमित आवक: देशभर में रोजाना करीब 2.25 लाख बोरी की आवक मांग से कम है। स्टॉकिस्ट ऊंचे दामों पर खरीदने को मजबूर हैं।
3. अंतरराष्ट्रीय बाजार का साथ: पाम ऑयल और सोयाबीन तेल के मजबूत भावों और बायो-फ्यूल की मांग से घरेलू तेलहन बाजारों को लगातार समर्थन मिल रहा है।
4. घटा हुआ पुराना स्टॉक: पिछले सीजन में पैदावार उम्मीद से कम रही, इसलिए पुराना स्टॉक जल्दी खत्म हो गया। नई फसल तक सप्लाई टाइट रहेगी।
5. आगामी रबी बुवाई की उम्मीद: किसान आगामी सीजन में सरसों की बुवाई बढ़ाने के मूड में हैं, जिससे बीज और स्टॉक की मांग भाव को थामे हुए है।
दिवाली के बाद बाजार कहां जाएगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताह में सरसों भाव में मजबूती बनी रह सकती है। जब तक कुल आवक में बड़ी बढ़ोतरी नहीं होती, तब तक नीचे से गिरावट की गुंजाइश कम है। लेकिन भाव में तेजी की कोई गारंटी नहीं होती — दिवाली के बाद तेल की मांग में नरमी आ सकती है।
किसानों के काम की 4 जरूरी सलाह
- किस्तों में बेचें: पूरा स्टॉक एक साथ बेचने की बजाय 2-3 किस्तों में बेचें — भाव और बढ़ा तो फायदा, गिरा तो नुकसान कम।
- ताजा भाव रोज देखें: सरसों भाव हर दिन बदल रहा है। मंडी जाने से पहले अपनी नजदीकी मंडी का ताजा भाव या agmarknet.gov.in पर सरकारी दर जरूर जांचें।
- क्वालिटी पर ध्यान दें: अच्छी सफाई और 8% से कम नमी वाली सरसों को ₹100-200 प्रति क्विंटल ज्यादा भाव मिलता है।
- लालच में फंसकर कर्ज न बढ़ाएं: ₹10,000 का भाव सुनकर और स्टॉक जमा करने के चक्कर में कर्ज न लें — बाजार कभी भी पलट सकता है।
रबी बुवाई पर इस तेजी का असर
सरसों के रिकॉर्ड भाव का सबसे बड़ा फायदा आगामी रबी सीजन में दिखेगा। किसान अब सरसों की बुवाई का रकबा बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। राजस्थान में सरसों बुवाई का मुख्य समय अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के दूसरे सप्ताह तक होता है — इसलिए भाव की यह तेजी बुवाई के ठीक समय पर आई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: आज सलोनी प्लांट पर सरसों का भाव कितना है?
उत्तर: बाजार रिपोर्ट के अनुसार शमसाबाद, दिग्नेर और अलवर सलोनी प्लांट पर सरसों का भाव ₹10,001 प्रति क्विंटल बताया गया है। मंडी जाने से पहले ताजा भाव की पुष्टि जरूर करें।
प्रश्न 2: जयपुर मंडी में सरसों का हाजिर भाव क्या है?
उत्तर: जयपुर मंडी में सरसों का भाव ₹9,125 से ₹9,150 प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है, जिसमें ₹50 प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज हुई है।
प्रश्न 3: सरसों का भाव इतना क्यों बढ़ रहा है?
उत्तर: दिवाली की त्योहारी मांग, सीमित आवक, अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेल बाजार के मजबूत संकेत, घटा हुआ पुराना स्टॉक और आगामी रबी बुवाई की उम्मीदें — ये पांच कारण भाव को ऊपर धकेल रहे हैं।
प्रश्न 4: क्या अब सरसों बेच देनी चाहिए?
उत्तर: ₹10,000 का रिकॉर्ड भाव बेचने का अच्छा मौका है, लेकिन पूरा स्टॉक एक साथ न बेचें। 2-3 किस्तों में बेचना सबसे सुरक्षित रणनीति है। अपनी मंडी का ताजा भाव देखकर ही फैसला लें।
निष्कर्ष
सरसों का भाव ₹10,000 के पार जाना राजस्थान के किसानों के लिए ऐतिहासिक क्षण है। सही समय पर सही फैसला लेने वाले किसानों की मेहनत का पूरा दाम मिल रहा है। लेकिन बाजार की समझदारी इसी में है कि रिकॉर्ड भाव को मौका समझा जाए, लालच नहीं। ताजा भाव देखते रहिए, किस्तों में बेचिए और रबी बुवाई की तैयारी में जुट जाइए।
नोट: मंडी भाव मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। निर्णय से पहले अपनी स्थानीय मंडी से पुष्टि अवश्य करें।