एरिया डोमिनेशन राजस्थान पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा समन्वित अभियान साबित हुआ है। बुधवार को प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पूरे प्रदेश में एक साथ चलाए गए ‘एरिया डोमिनेशन’ अभियान में एक ही दिन के भीतर 17,049 चिह्नित ठिकानों पर दबिश दी गई और कुल 7,744 अपराधियों व असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक यह राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर अब तक का सबसे बड़ा एकदिवसीय ऑपरेशन है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर एरिया डोमिनेशन राजस्थान पुलिस के इस महाअभियान में प्रदेशभर से 12,151 अधिकारी और जवान उतारे गए। कुल 2,961 विशेष टीमें गठित की गईं, जिन्होंने सुबह से ही प्रदेश के हर जिले में चिह्नित ठिकानों को घेरना शुरू कर दिया। कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य वांछित अपराधी, हिस्ट्रीशीटर, इनामी बदमाश, मादक पदार्थ तस्कर और कोर्ट से फरार चल रहे वारंटी थे।
राजस्थान पुलिस पहले भी राज्यव्यापी अभियान चलाती रही है, लेकिन एरिया डोमिनेशन राजस्थान पुलिस के इस अभियान में एक ही दिन में गिरफ्तारियों और दबिश का पैमाना अभूतपूर्व बताया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी नियमित अंतराल पर जारी रहेगी।
एरिया डोमिनेशन राजस्थान पुलिस: पूरे अभियान के बड़े आंकड़े
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| गठित विशेष टीमें | 2,961 |
| अभियान में शामिल अधिकारी व जवान | 12,151 |
| एक दिन में दबिश वाले ठिकाने | 17,049 |
| कुल गिरफ्तारियां | 7,744 |
| इनामी अपराधी | 55 |
| हार्डकोर अपराधी, हिस्ट्रीशीटर, मादक पदार्थ तस्कर | 354 |
| हत्या, लूट, डकैती जैसे मामलों में वांछित | 95 |
| आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार | 141 |
| आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार | 173 |
| स्थायी वारंटी व उद्घोषित अपराधी | 922 |
| फायरिंग व अवैध हथियार मामलों के सक्रिय अपराधी | 164 |
किस जिले में कितनी गिरफ्तारी: टोंक सबसे आगे
अभियान में सबसे अधिक 407 गिरफ्तारियां टोंक जिले में हुईं। इसके बाद उदयपुर में 354 और भीलवाड़ा में 330 अपराधियों को पकड़ा गया। डीग में 291, धौलपुर में 246, हनुमानगढ़ में 241, चूरू में 233, पाली में 226, अलवर में 207 और बीकानेर में 204 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई।
राजधानी जयपुर में भी व्यापक कार्रवाई हुई। जयपुर वेस्ट में 215, जयपुर नॉर्थ में 178, जयपुर ईस्ट में 173, जयपुर साउथ में 142 और जयपुर ग्रामीण में 101 अपराधियों को दबोचा गया। जोधपुर कमिश्नरेट और राजकीय रेलवे पुलिस के क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर धरपकड़ की गई। जिलेवार आंकड़ों से स्पष्ट है कि कार्रवाई केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं थी।
कौन-कौन दबोचे गए: इनामी बदमाश से लेकर फायरिंग के आरोपी
अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि उन अपराधियों की गिरफ्तारी रही जो लंबे समय से पुलिस के राडार से बाहर थे। कुल 55 इनामी अपराधियों को पकड़ा गया, जिनमें से कई पर पुलिस ने नकद इनाम घोषित कर रखा था। इसके अलावा 354 हार्डकोर अपराधियों, सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों और मादक पदार्थ तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।
गंभीर मामलों में वांछित 95 अपराधियों की गिरफ्तारी भी इस अभियान का अहम हिस्सा रही। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे जघन्य अपराधों के आरोपी शामिल हैं। आर्म्स एक्ट के तहत 141 और आबकारी अधिनियम के तहत 173 आरोपियों को पकड़ा गया। साथ ही, फायरिंग और अवैध हथियारों के मामलों से जुड़े 164 सक्रिय अपराधी भी पुलिस के हत्थे चढ़े। कोर्ट से भगोड़े 922 स्थायी वारंटियों और उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी से न्यायिक प्रक्रिया को भी मजबूती मिली है।
एरिया डोमिनेशन राजस्थान पुलिस: 2,961 टीमें, एक ही योजना
इतनी बड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय ने पहले से तैयारी की थी। हर जिले के पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र के चिह्नित ठिकानों की सूची सौंपी गई थी। हर टीम को स्पष्ट लक्ष्य और जिम्मेदारी दी गई, ताकि एक ही समय पर दबिश शुरू हो सके और अपराधियों को बचने का मौका न मिले।
टीमें स्थानीय पुलिस थानों के साथ-साथ जिला पुलिस लाइन और स्पेशल यूनिट्स से बनी थीं। संदिग्ध ठिकानों की सूची खुफिया सूचनाओं, पुराने रिकॉर्ड और हालिया आपराधिक गतिविधियों के विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई थी। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के समन्वित अभियान से न केवल अपराधियों में डर पैदा होता है, बल्कि आमजन में पुलिस पर विश्वास भी बढ़ता है।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा का संदेश: यह सिलसिला जारी रहेगा
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने अभियान के नतीजों पर संतोष जताते हुए कहा कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और भयमुक्त माहौल बनाए रखने के लिए अपराधियों में डर और आमजन में विश्वास का यह सिलसिला आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि एरिया डोमिनेशन राजस्थान पुलिस की नियमित रणनीति बन गया है, न कि एकबारगी की कार्रवाई।
आमजन के लिए इसका क्या मतलब है
इतनी बड़ी कार्रवाई का सीधा असर आम आदमी की सुरक्षा पर पड़ता है। जब वांछित अपराधी, इनामी बदमाश और स्थायी वारंटी सलाखों के पीछे पहुंचते हैं, तो लंबित मामलों की सुनवाई आगे बढ़ती है और पीड़ितों को न्याय की उम्मीद बढ़ती है। पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के मुताबिक इस अभियान से मादक पदार्थों के नेटवर्क, अवैध हथियारों के कारोबार और जघन्य अपराधों के गिरोहों पर भी करारी चोट पहुंची है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। पुलिस का कहना है कि जनसहयोग के बिना इस तरह के अभियानों की सफलता संभव नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. एरिया डोमिनेशन राजस्थान पुलिस का अभियान क्या है?
एरिया डोमिनेशन राजस्थान पुलिस का एक विशेष राज्यव्यापी अभियान है, जिसमें एक ही दिन में प्रदेशभर के चिह्नित संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी जाती है। इसका मकसद वांछित अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और असामाजिक तत्वों की एकमुश्त धरपकड़ है। इससे पहले झालावाड़ में एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत 194 अपराधी गिरफ्तार किए गए थे।
2. 7 अक्टूबर के अभियान में कुल कितनी गिरफ्तारियां हुईं?
पुलिस मुख्यालय के मुताबिक एक ही दिन में 7,744 अपराधियों व असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 17,049 ठिकानों पर दबिश दी गई।
3. किस जिले में सबसे अधिक गिरफ्तारियां हुईं?
टोंक जिले में सबसे अधिक 407 गिरफ्तारियां हुईं। इसके बाद उदयपुर (354) और भीलवाड़ा (330) का नंबर है।
4. क्या यह अभियान आगे भी चलेगा?
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया है कि एरिया डोमिनेशन राजस्थान पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों में डर और आमजन में विश्वास बनाए रखने के लिए नियमित रूप से जारी रहेगी।