जयपुर: अक्टूबर की शुरुआत के साथ राजस्थान में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश की संभावना नहीं है। पूर्वी राजस्थान हो या पश्चिमी, दोनों हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। खास बात यह है कि 3 अक्टूबर के लिए राज्य के किसी जिले में बारिश, तेज आंधी या गरज-चमक की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
28 सितंबर के मौसम बुलेटिन और 2 अक्टूबर तक के अपडेट के आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त हो चुका है और दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई रेखा राजस्थान के अधिकांश हिस्सों को पार कर गई है। त्योहारों के मौसम और रबी की बुवाई के इस अहम दौर में साफ मौसम किसानों और आम लोगों दोनों के लिए राहत की खबर है।
3 अक्टूबर का मुख्य पूर्वानुमान एक नजर में
मौसम विभाग के दैनिक वर्षा पूर्वानुमान के अनुसार 3 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में बारिश की कोई संभावना नहीं है। जयपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर और अजमेर जैसे प्रमुख शहरों में मौसम शुष्क रहेगा। इसी तरह पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, गंगानगर और हनुमानगढ़ में भी किसी तरह की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
“नो वार्निंग” का मतलब है कि इस दिन मौसम संबंधी गतिविधियां शांत रहेंगी। अक्टूबर में दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है, जबकि सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस होने लगी है — यह इस समय का सामान्य मौसम चक्र है।
पूर्वी राजस्थान: जयपुर से उदयपुर तक कैसा रहेगा मौसम
पूर्वी राजस्थान के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार 3 अक्टूबर को इस पूरे क्षेत्र में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। दैनिक वर्षा पूर्वानुमान में बारिश की कोई संभावना नहीं बताई गई है, यानी मौसम की गतिविधियां पूरी तरह शांत रहेंगी।
जयपुर और आसपास के जिलों के लिए बुलेटिन में अलग से कोई चेतावनी नहीं दी गई है। कोटा, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर और दौसा में भी यही स्थिति रहेगी। गौरतलब है कि 2 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी की चेतावनी थी, लेकिन 3 अक्टूबर से मौसम पूरी तरह साफ होने का अनुमान है — यह मानसून विदाई प्रक्रिया का स्वाभाविक चरण है।
पश्चिमी राजस्थान: मरुधरा में भी नहीं बरसेगा पानी
पश्चिमी राजस्थान में भी 3 अक्टूबर को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस क्षेत्र के किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मानसून की विदाई के बाद पश्चिमी राजस्थान में बदलाव का असर सबसे साफ देखा जा रहा है। बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई रेखा प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को पार कर चुकी है, जिससे मानसूनी गतिविधियां कमजोर होकर शुष्क स्थिति की ओर बढ़ गई हैं। जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, गंगानगर और हनुमानगढ़ के लिए इस दिन किसी तरह की बारिश की चेतावनी नहीं है।
अक्टूबर के पहले सप्ताह में पश्चिमी राजस्थान में दिन का तापमान 36 से 38 डिग्री के आसपास रह सकता है, जबकि रात का पारा 20 डिग्री के नीचे जाने लगा है। हाल ही में फलोदी जैसे इलाकों में पारा 39 डिग्री को छू चुका है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज: मानसून विदाई और पश्चिमी विक्षोभ का अंत
राजस्थान में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मानसूनी गतिविधियों में कमी आना सामान्य चक्र है, लेकिन इस बार इसकी गति थोड़ी तेज रही। मानसून की विदाई रेखा प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को पार कर चुकी है और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त हो चुका है। इसके बाद राज्य के अधिकांश भागों में अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।
इसका मतलब साफ है — 3 अक्टूबर को बारिश से जुड़ी गतिविधियां काफी सीमित रहेंगी। गौरतलब है कि मानसून 2026 का सीजन इस बार औसत से करीब 12.6 प्रतिशत कम बारिश के साथ समाप्त हुआ, जो 2015 के बाद सबसे सूखा सीजन माना गया है। ऐसे में अक्टूबर की यह शुष्क शुरुआत किसानों के लिए रबी सीजन की योजना बनाने का अहम समय है।
जिलावार मौसम सारांश: 3 अक्टूबर 2026
| जिला / क्षेत्र | पूर्वानुमान | बारिश की संभावना | चेतावनी |
| जयपुर | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| कोटा | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| उदयपुर | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| भरतपुर | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| अजमेर | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| जोधपुर | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| जैसलमेर | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| बीकानेर | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| बाड़मेर | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| गंगानगर | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| हनुमानगढ़ | शुष्क | नहीं | कोई अलर्ट नहीं |
| पूर्वी राजस्थान (समग्र) | शुष्क | नहीं | नो वार्निंग |
| पश्चिमी राजस्थान (समग्र) | शुष्क | नहीं | नो वार्निंग |
किसानों और आम लोगों के लिए इस मौसम का मतलब
साफ और शुष्क मौसम का सबसे बड़ा फायदा रबी सीजन की तैयारियों में मिलेगा। अक्टूबर का महीना सरसों, गेहूं, चना और जौ की बुवाई का समय है। खेतों में जुताई और बुवाई के काम के लिए लगातार शुष्क मौसम अनुकूल रहता है। कृषि विभाग पहले ही किसानों को कम पानी वाली फसलों की ओर रुख करने की सलाह दे चुका है, क्योंकि इस बार मानसून कमजोर रहा है।
आम लोगों के लिए भी यह राहत की खबर है। त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है और साफ मौसम में आवाजाही, बाजार और आयोजनों में कोई बाधा नहीं आएगी। एक सलाह यह है कि दिन में तेज धूप से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं। सुबह-शाम हल्की ठंडक के चलते बुजुर्गों और बच्चों को इस बदलाव का ध्यान रखना चाहिए।
मौसम का पूर्वानुमान बदल भी सकता है, इसलिए ताजा जानकारी के लिए मौसम विभाग के जयपुर केंद्र के अपडेट पर नजर बनाए रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: 3 अक्टूबर को राजस्थान में बारिश होगी या नहीं?
जवाब: मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 अक्टूबर को राजस्थान के किसी भी हिस्से में बारिश की संभावना नहीं है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
सवाल 2: क्या 3 अक्टूबर को किसी जिले में मौसम अलर्ट जारी किया गया है?
जवाब: नहीं। बुलेटिन के अनुसार प्रदेश के किसी भी जिले के लिए 3 अक्टूबर को बारिश, तेज आंधी या गरज-चमक की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
सवाल 3: जयपुर में 3 अक्टूबर को मौसम कैसा रहेगा?
जवाब: जयपुर समेत पूर्वी राजस्थान में 3 अक्टूबर को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। जयपुर के लिए कोई बारिश चेतावनी जारी नहीं की गई है।
सवाल 4: राजस्थान में अगले कुछ दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
जवाब: पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने और मानसून की विदाई के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में आगामी एक सप्ताह तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।