Jaisalmer Seva Setu Shivir: 28 से 30 सितंबर तक जिले की सभी पंचायत समितियों में राशन कार्ड से जुड़ी हर समस्या का मौके पर समाधान
जैसलमेर। अगर आपके राशन कार्ड में नाम जोड़ने की अर्जी महीनों से अटकी है, आधार लिंक नहीं हुआ है, ई-केवाईसी पेंडिंग पड़ी है या राशन की दुकान से जुड़ी कोई शिकायत लेकर आप कार्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं — तो यह खबर आपके लिए है। जैसलमेर जिले की समस्त पंचायत समितियों में 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय विशेष “सेवा सेतु शिविर” लगाए जा रहे हैं। यानी रसद विभाग से जुड़ी समस्याएं एक ही छत के नीचे, मौके पर निपटेंगी।
जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) सवाई राम ने जिले के सभी नागरिकों और राशन कार्ड धारकों से अपील की है कि वे अपनी नजदीकी पंचायत समिति मुख्यालय पर चल रहे इन शिविरों में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचें। जिनका राशन कार्ड की ई-केवाईसी, आधार सीडिंग या कोई और काम अटका पड़ा है, उनके लिए यह सुनहरा मौका है।
सेवा सेतु शिविर है क्या और क्यों लगाए गए
सरल भाषा में समझें तो “सेवा सेतु” का मतलब है — सरकार और आम आदमी के बीच सेतु, यानी पुल। अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण परिवार छोटी-छोटी औपचारिकताओं के लिए ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर काटते रहते हैं। राशन कार्ड में नाम जुड़वाना हो, आधार लिंक कराना हो या पुरानी शिकायत का निस्तारण — हर काम के लिए अलग कतार, अलग दिन।
इसी दूरी को खत्म करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के दिशा-निर्देशानुसार ये विशेष शिविर लगाए गए हैं। शिविर ब्लॉक स्तर पर, यानी पंचायत समिति मुख्यालयों पर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आसपास के गांवों के लोगों को ज्यादा दूर न जाना पड़े।
शिविरों में किन-किन कामों का मिलेगा निपटारा
शिविर सिर्फ जागरूकता का मंच नहीं हैं — यहां वास्तविक काम हो रहे हैं। डीएसओ सवाई राम के अनुसार शिविरों में मुख्य रूप से ये जनहित के कार्य किए जा रहे हैं: (1) योजनाओं का प्रचार-प्रसार — PMGKAY और “एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड” (ONORC) जैसी योजनाओं की जानकारी; (2) लंबित आवेदनों का निस्तारण — NFSA के तहत लंबे समय से रुके आवेदनों का त्वरित निपटारा; (3) आधार सीडिंग और ई-केवाईसी — राशन कार्ड में आधार लिंक व बायोमेट्रिक ई-केवाईसी मौके पर; (4) एलपीजी आईडी मैपिंग — लाभार्थी परिवारों के गैस कनेक्शन आईडी का राशन कार्ड से लिंकेज; (5) शिकायतों का समाधान — राजस्थान संपर्क, CPGRAMS और NFSA पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निवारण; (6) गुणवत्ता प्रदर्शन — राशन दुकानों से मिलने वाले गेहूं आदि के सैंपल दिखाकर गुणवत्ता के मानक समझाना।
इनमें से ई-केवाईसी वाला बिंदु सबसे अहम है। पिछले कुछ समय में ई-केवाईसी न होने की वजह से कई परिवारों का राशन रुकने की खबरें आती रही हैं। अगर आपका नाम राशन सूची में होते हुए भी आधार मिसमैच की वजह से राशन नहीं मिल रहा, तो शिविर में यही काम सबसे पहले करवाएं।
किन योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
PMGKAY (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना): पात्र परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न मिलता है। शिविरों में पात्रता, नाम जोड़ने-हटाने और वितरण से जुड़े सवालों के जवाब मिलेंगे।
ONORC (एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड): प्रवासी मजदूरों के लिए यह योजना वरदान है — अब राशन कार्ड देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान पर चलता है। शिविर में पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया भी समझाई जा रही है।
NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना): जिन परिवारों के आवेदन लंबे समय से लंबित हैं, उनके मामलों का शिविर में ही त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। आवेदन संख्या और आधार कार्ड साथ लेकर जरूर पहुंचें।
शिविर में जाने से पहले ये दस्तावेज़ साथ रखें
शिविर का पूरा फायदा तभी मिलेगा जब जरूरी कागजात साथ हों। कोशिश करें कि ये चीजें जरूर लेकर जाएं: राशन कार्ड (मूल प्रति); आधार कार्ड — परिवार के सभी सदस्यों के, जिनका नाम राशन कार्ड में है; मोबाइल नंबर — जो आधार से लिंक हो (ओटीपी के लिए जरूरी); एलपीजी कनेक्शन की उपभोक्ता संख्या / गैस बुक (LPG मैपिंग के लिए); लंबित आवेदन की रसीद या आवेदन संख्या (अगर कोई पुराना आवेदन अटका है); शिकायत संख्या (अगर राजस्थान संपर्क या CPGRAMS पर शिकायत दर्ज की थी)।
कब और कहां जाएं: शिविर 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को जिले की सभी पंचायत समिति मुख्यालयों पर लग रहे हैं। अपने ब्लॉक की पंचायत समिति कार्यालय पहुंचें — सुबह के समय जाना बेहतर रहेगा ताकि भीड़ बढ़ने से पहले आपका काम हो जाए।
शिकायतों के निपटारे का सीधा रास्ता
अक्सर लोगों की सबसे बड़ी परेशानी यही होती है — शिकायत दर्ज तो हो जाती है, पर उसका क्या हुआ, पता नहीं चलता। इन शिविरों में राजस्थान संपर्क पोर्टल, CPGRAMS और NFSA पोर्टल पर दर्ज रसद संबंधी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निवारण किया जा रहा है। अगर आपने कभी ऑनलाइन शिकायत की थी और उसका समाधान नहीं हुआ, तो शिकायत संख्या लेकर शिविर में जाएं — अधिकारी मौके पर ही स्थिति बताएंगे।
इसके अलावा राशन दुकानों से मिलने वाले गेहूं और अन्य खाद्यान्न के सैंपल भी शिविर में प्रदर्शित किए जा रहे हैं, ताकि लाभार्थी खुद देख सकें कि अनाज की गुणवत्ता तय मानकों पर खरी है या नहीं। अगर दुकान पर घटिया अनाज मिल रहा है, तो शिविर में इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: सेवा सेतु शिविर कब तक चलेंगे और कहां लग रहे हैं? उत्तर: ये शिविर 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिन चलेंगे। जैसलमेर जिले की सभी पंचायत समिति मुख्यालयों (ब्लॉक स्तर) पर इनका आयोजन हो रहा है। अपने नजदीकी पंचायत समिति कार्यालय में संपर्क करें।
प्रश्न 2: क्या शिविर में नया राशन कार्ड बनवाया जा सकता है? उत्तर: शिविर का मुख्य उद्देश्य लंबित आवेदनों का निस्तारण, ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और शिकायतों का समाधान है। नया आवेदन भी NFSA के तहत लिया जा सकता है — आवेदन से जुड़े दस्तावेज़ साथ लेकर जाएं और शिविर में मौजूद अधिकारियों से प्रक्रिया पूछें।
प्रश्न 3: ई-केवाईसी न कराने पर क्या होगा? उत्तर: खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के लिए आधार सीडिंग और ई-केवाईसी अनिवार्य होती जा रही है। ई-केवाईसी न होने पर राशन वितरण में रुकावट आ सकती है। शिविर में यह काम मौके पर हो रहा है, इसलिए आखिरी दिन का इंतजार न करें।
प्रश्न 4: अगर मेरी शिकायत का निस्तारण शिविर में न हो तो क्या करूं? उत्तर: शिविर में आपको शिकायत की ताजा स्थिति और आगे की प्रक्रिया लिखित/मौखिक रूप से बताई जाएगी। इसके बाद भी समाधान न हो तो राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) या CPGRAMS पर शिकायत को आगे बढ़ाया जा सकता है। शिकायत संख्या संभालकर रखें — यही आपका सबसे बड़ा सबूत है।
निष्कर्ष
जैसलमेर जैसे ग्रामीण बहुल जिले में सरकारी योजनाओं का लाभ अक्सर जानकारी की कमी या प्रक्रिया की जटिलता की वजह से लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाता। सेवा सेतु शिविर इसी खाई को पाटने की कोशिश है — तीन दिन, सभी पंचायत समितियां, और राशन से जुड़े लगभग हर काम का मौके पर समाधान।
याद रखें, 30 सितंबर के बाद यह विशेष सुविधा खत्म हो जाएगी। इसलिए अगर आपके परिवार में राशन कार्ड से जुड़ा कोई भी काम अटका है, तो आज ही अपनी पंचायत समिति मुख्यालय पहुंचें — दस्तावेज़ साथ रखें, ई-केवाईसी करवाएं और अपने हक का राशन सुनिश्चित करें।