जयपुर के कोचिंग हब में रविवार को हालात उस वक्त बिगड़ गए, जब एक शिक्षक द्वारा छात्र की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। गुस्साए सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए, मुख्य मार्ग जाम हो गया और स्थिति काबू से बाहर होती देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। मामले में कोचिंग प्रबंधन ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया है और पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक क्लासरूम वीडियो ने पूरे कोचिंग हब को हिलाकर रख दिया
जयपुर के गोपालपुरा बाईपास स्थित रिद्धि-सिद्धि तिराहे के पास एक चर्चित कोचिंग संस्थान में 2 अक्टूबर को क्लासरूम के भीतर हुई मारपीट का वीडियो रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर सामने आया और देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो में शिक्षक एक छात्र पर लगातार थप्पड़ बरसाते नजर आ रहे हैं। एक अन्य छात्र द्वारा मोबाइल से रिकॉर्ड किए गए इन दृश्यों ने शहर के सबसे बड़े कोचिंग इलाके में गुस्से की आग भड़का दी।
वीडियो सामने आते ही छात्र समुदाय में आक्रोश फैल गया। छात्रों का कहना है कि अनुशासन के नाम पर किसी शैक्षणिक संस्थान के भीतर छात्र के साथ शारीरिक हिंसा कतई स्वीकार्य नहीं है। यही सवाल रविवार शाम को सड़क पर उतरने की वजह बना।
16 सेकंड में 7 थप्पड़, फिर लात मारकर बाहर निकाला
वीडियो के दो अलग-अलग क्लिप सोशल मीडिया पर घूम रहे हैं। पहला क्लिप करीब 16 सेकंड का है, जिसमें शिक्षक छात्र के गालों पर ताबड़तोड़ थप्पड़ मारते दिख रहे हैं — महज सोलह सेकंड में सात थप्पड़। दूसरा क्लिप करीब 13 सेकंड का है, जिसमें शिक्षक उसी छात्र को पैर से लात मारते और धक्का देकर क्लासरूम से बाहर निकालते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम कलाम एकेडमी (कलाम कोचिंग सेंटर) में हुआ है। आरोपी शिक्षक का नाम प्रवीण दान चारण बताया जा रहा है। कक्षा के दौरान एक छात्र ने मजाक में शिक्षक तक एक पर्ची पहुंचाई थी, जिस पर कथित तौर पर “कलाम बलिदान मांगता है” लिखा था। इसी पर्ची की लाइन को पढ़कर शिक्षक का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने उस छात्र को पूरी क्लास के सामने खड़ा कर दिया और फिर पिटाई शुरू कर दी।
त्रिवेणी नगर चौराहे पर जाम, मनोज मीणा के नेतृत्व में प्रदर्शन
वीडियो के वायरल होते ही रविवार को सैकड़ों छात्र छात्र नेता मनोज मीणा के नेतृत्व में त्रिवेणी नगर चौराहा और गोपालपुरा बाईपास स्थित कलाम कोचिंग के बाहर इकट्ठा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और आरोपी शिक्षक की तुरंत गिरफ्तारी तथा संस्थान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शन का दायरा बढ़ने और यातायात बाधित होने पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। छात्रों ने जाम हटाने से इनकार किया और प्रदर्शन उग्र होता देख पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया गया। पुलिस ने छात्र नेता मनोज मीणा को हिरासत में भी लिया, जिससे छात्रों में विरोध का मुद्दा और गरमा गया।
बैकफुट पर आया कोचिंग प्रबंधन: निंदा, माफी और बर्खास्ती
विवाद के गंभीर रूप लेने के बाद कोचिंग संस्थान का प्रबंधन बैकफुट पर आ गया। प्रबंधन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पूरी घटना की कड़ी निंदा की और पीड़ित छात्र, उसके अभिभावकों और अन्य विद्यार्थियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
प्रबंधन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से संस्थान से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही आरोपी शिक्षक का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वे पीड़ित छात्र के सामने हाथ जोड़कर अपनी हरकत के लिए क्षमा मांगते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि छात्रों का कहना है कि माफी से पहले की गलती मिट नहीं जाती और कानून को अपना काम करना चाहिए।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी
पीड़ित पक्ष और छात्र प्रतिनिधियों की आधिकारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और कानूनी जांच शुरू कर दी है। कोचिंग क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है।
इस घटनाक्रम में दो अलग-अलग सवाल सामने हैं — पहला, शिक्षण संस्थान के भीतर छात्र के साथ कथित मारपीट और दूसरा, विरोध जता रहे छात्रों से निपटने का पुलिस तरीका। दोनों की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन एक नजर में
| तारीख/दिन | घटनाक्रम |
|---|---|
| 2 अक्टूबर 2026 | कलाम एकेडमी की क्लासरूम में छात्र की शिक्षक द्वारा पिटाई, वीडियो रिकॉर्ड |
| 4 अक्टूबर 2026 (रविवार) | वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, छात्रों में आक्रोश |
| 4 अक्टूबर 2026 (शाम) | त्रिवेणी नगर और गोपालपुरा बाईपास पर छात्रों का प्रदर्शन, मार्ग जाम |
| 4 अक्टूबर 2026 | पुलिस का हल्का बल प्रयोग, छात्र नेता मनोज मीणा हिरासत में |
| 4 अक्टूबर 2026 | कोचिंग प्रबंधन की निंदा और माफी, शिक्षक बर्खास्त; FIR दर्ज, जांच जारी |
कोचिंग संस्थानों में छात्र सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
यह घटना सिर्फ एक शिक्षक की गलती तक सीमित नहीं रही। जयपुर के गोपालपुरा-मुहाना बेल्ट में सैकड़ों कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं और लाखों छात्र यहां पढ़ते हैं। इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि इन संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और गरिमा की निगरानी कौन करेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में अनुशासन के नाम पर शारीरिक दंड की अनुमति नहीं है। अभिभावकों को भी सलाह दी जाती है कि संस्थान चुनते समय वहां की अनुशासन नीति और शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी जरूर लें। वहीं संस्थानों को चाहिए कि शिक्षकों के लिए व्यवहार संहिता (code of conduct) तय हो और उसका कड़ाई से पालन हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: जयपुर के थप्पड़कांड की घटना कब और कहां हुई?
जवाब: यह घटना 2 अक्टूबर 2026 को जयपुर के गोपालपुरा बाईपास स्थित रिद्धि-सिद्धि तिराहे के पास कलाम एकेडमी (कलाम कोचिंग सेंटर) की एक क्लासरूम में हुई। इसका वीडियो 4 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
सवाल: विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
जवाब: कक्षा के दौरान एक छात्र ने मजाक में शिक्षक तक एक पर्ची पहुंचाई थी, जिस पर कथित तौर पर “कलाम बलिदान मांगता है” लिखा था। इसी पर्ची को पढ़कर शिक्षक प्रवीण दान चारण नाराज हुए और छात्र की पिटाई कर दी।
सवाल: आरोपी शिक्षक के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
जवाब: कोचिंग प्रबंधन ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया है और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सवाल: छात्रों के प्रदर्शन में क्या हुआ?
जवाब: छात्र नेता मनोज मीणा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने त्रिवेणी नगर चौराहा और गोपालपुरा बाईपास पर प्रदर्शन कर मार्ग जाम किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ हटाई और मनोज मीणा को हिरासत में लिया।