भारत टैक्सी जयपुर: 53,766 ड्राइवर पंजीकृत, मुख्य सचिव ने खुद बुक की राइड — 2 महीने में रोज़ 5,000 राइड का लक्ष्य

जयपुर की सड़कों पर भारत टैक्सी जयपुर की गाड़ियां दिखती हैं, लेकिन यात्रियों के मोबाइल में इसका ऐप नहीं खुलता। यही वह बड़ी समस्या है जिसने रविवार को राजस्थान के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी को खुद मोबाइल उठाने पर मजबूर कर दिया। नेहरू सहकार भवन में हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों के सामने अपने फोन पर भारत टैक्सी ऐप खोला, राइड बुक की और उसके बाद साफ कहा — अब सिर्फ प्रचार से काम नहीं चलेगा, यात्रियों का अनुभव बदलना होगा।

सरकारी समर्थन के साथ शुरू हुई भारत टैक्सी को लेकर सरकार का लक्ष्य अब बहुत स्पष्ट है: अगले दो महीनों में जयपुर में प्रतिदिन 5,000 राइड तक पहुंचना। फिलहाल 53,766 ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं — यानी चालक उपलब्ध हैं, लेकिन गाड़ियां चल नहीं रहीं। बैठक में इसी विरोधाभास पर सबसे ज़्यादा चर्चा हुई।

भारत टैक्सी जयपुर की समीक्षा: मुख्य सचिव ने खुद परखा ऐप

समीक्षा बैठक का सबसे अहम पल तब आया जब मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अपना मोबाइल फोन निकाला और बैठक में बैठे अधिकारियों के सामने भारत टैक्सी ऐप का अवलोकन किया। उन्होंने ऐप की कार्यप्रणाली, बुकिंग की प्रक्रिया और यात्री के नजरिए से मिलने वाले अनुभव का जायजा लिया।

बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भारत टैक्सी को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सिर्फ विज्ञापन और प्रचार काफी नहीं है। यात्री जब ऐप खोले तो उसे आसानी से गाड़ी मिले, राइड सुरक्षित हो, किराया किफायती हो और ड्राइवर का व्यवहार भरोसेमंद हो — यही चार चीजें तय करेंगी कि भारत टैक्सी चलती है या रुकती है। उन्होंने ऐप को और आसान बनाने तथा हर राइड की समीक्षा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

2 महीने में भारत टैक्सी जयपुर में रोज़ाना 5,000 राइड: समर्पित टीम और इंसेंटिव मॉडल

मुख्य सचिव ने बैठक में भारत टैक्सी के अधिकारियों के लिए साफ लक्ष्य तय किया — अगले दो महीनों में जयपुर में प्रतिदिन 5,000 राइड तक पहुंचना। इस लक्ष्य के लिए तीन चीजों पर तुरंत काम शुरू होगा: समर्पित टीम का गठन, ड्राइवरों के लिए इंसेंटिव (प्रोत्साहन) मॉडल, और 15 दिन में मार्केटिंग रणनीति तैयार करके लागू करना।

इन तीनों फैसलों से यह साफ है कि सरकार ने भारत टैक्सी की राइड संख्या को अब एक मिशन मोड परियोजना मान लिया है। हर राइड की समीक्षा की जाएगी और लक्ष्य की प्रगति का नियमित आकलन होगा।

53,766 ड्राइवर पंजीकृत — फिर गाड़ी क्यों नहीं मिलती?

तथ्य विवरण
जयपुर में पंजीकृत ड्राइवर 53,766
प्रतिदिन राइड का लक्ष्य 5,000 (2 महीने में)
मार्केटिंग रणनीति की समय-सीमा 15 दिन
समीक्षा बैठक की तारीख 18 अक्टूबर 2026 (रविवार)
बैठक स्थल नेहरू सहकार भवन, जयपुर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास

यहीं सबसे बड़ी गुत्थी है। 53 हज़ार से ज़्यादा ड्राइवर पंजीकृत होने के बावजूद राइड संख्या नहीं बढ़ पा रही। मुख्य सचिव ने सारथियों (ड्राइवरों) के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर भी ज़ोर दिया, ताकि उनकी समस्याएं समय पर समझी और सुलझाई जा सकें। ड्राइवरों के लिए प्रोत्साहन योजना इस दिशा में सबसे बड़ा कदम होगी — अगर ड्राइवर को नियमित राइड और उचित कमाई का भरोसा हो, तो वह प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहेगा।

रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड तक: अब दिखेगी भारत टैक्सी

मार्केटिंग रणनीति को लेकर मुख्य सचिव ने कुछ ठोस जगहें तय की हैं जहां भारत टैक्सी की मौजूदगी सबसे ज़्यादा जरूरी है: रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर प्रचार, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर स्टैंडी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से अभियान, जयपुर नगर निगम के सहयोग से प्रचार, और पुलिस, परिवहन, नगर निगम व डेयरी विभागों के साथ समन्वय।

सोचिए — रेलवे स्टेशन से उतरने वाला यात्री सबसे पहले कैब या ऑटो खोजता है। अगर उसी जगह भारत टैक्सी की स्टैंडी लगी हो और ऐप से राइड आसानी से मिल जाए, तो नए यात्रियों की संख्या अपने आप बढ़ेगी। यही रणनीति सरकार लागू करना चाहती है।

हर दिन होगी समीक्षा: व्हाट्सएप ग्रुप से दैनिक निगरानी

भारत टैक्सी के संचालन पर अब दैनिक निगरानी रखी जाएगी — पोर्टल पर नियमित प्रगति रिपोर्ट और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से रोज़ाना समीक्षा। अब यह कोई सालाना बैठक वाली परियोजना नहीं रही: हर दिन राइड की संख्या, सेवाओं की गुणवत्ता और यात्रियों के अनुभव पर रिपोर्ट होगी, और उसके आधार पर तुरंत सुधार किया जाएगा। यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और किफायती परिवहन — यही सबसे बड़ी शर्त है।

बैठक में सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, राजफेड के एमडी सौरभ स्वामी, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पुरुषोत्तम शर्मा, नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा और आरसीडीएफ की एमडी श्रुति भारद्वाज समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे — यानी यह सभी विभागों का संयुक्त प्रयास होगा।

यात्रियों के लिए इसका क्या मतलब है?

1. रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भारत टैक्सी की ब्रांडिंग और बुकिंग पॉइंट दिख सकते हैं।

2. ऐप का अनुभव आसान होगा — मुख्य सचिव ने खुद कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए हैं।

3. ड्राइवर ज़्यादा ऑनलाइन मिलेंगे — इंसेंटिव मॉडल से ड्राइवरों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।

4. राइड की गुणवत्ता पर नजर — हर राइड की समीक्षा होगी, इसलिए सेवा में सुधार की संभावना है।

53,766 ड्राइवरों का बड़ा नेटवर्क पहले से तैयार है; सवाल सिर्फ इतना है कि क्या अगले 60 दिनों में यात्रियों के भरोसे को भी उसी रफ्तार से जीता जा सकता है। मुख्य सचिव के मोबाइल पर बुक हुई उस एक राइड से यह सफर शुरू हो चुका है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: भारत टैक्सी क्या है?

उत्तर: भारत टैक्सी एक टैक्सी सेवा प्लेटफॉर्म है जिसे सहकारी मॉडल पर बढ़ावा दिया जा रहा है। जयपुर में इसके साथ 53,766 ड्राइवर पंजीकृत हैं। सरकार का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और किफायती परिवहन उपलब्ध कराना है।

प्रश्न 2: मुख्य सचिव ने बैठक में क्या निर्देश दिए?

उत्तर: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने 2 महीने में प्रतिदिन 5,000 राइड का लक्ष्य दिया, 15 दिन में मार्केटिंग रणनीति बनाने, ड्राइवरों के लिए इंसेंटिव मॉडल तैयार करने, हर राइड की समीक्षा करने और दैनिक मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

प्रश्न 3: ड्राइवरों के लिए क्या फायदा होगा?

उत्तर: सरकार ड्राइवरों (सारथियों) के लिए प्रभावी प्रोत्साहन योजना तैयार कर रही है। नियमित संवाद और इंसेंटिव से ड्राइवरों को ज़्यादा राइड और बेहतर कमाई का मौका मिलेगा।

प्रश्न 4: यात्रियों को भारत टैक्सी से क्या उम्मीद रखनी चाहिए?

उत्तर: ऐप का अनुभव आसान होगा, राइड सुरक्षित और किफायती मिलेगी, और हर राइड की समीक्षा होने से सेवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे प्रमुख स्थानों पर बुकिंग की सुविधा भी बढ़ेगी।

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स्रोत: पत्रिका — भारत टैक्सी के लिए नया एक्शन प्लान

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