अलवर नगर निगम हड़ताल अब एक बड़े संकट में बदल चुकी है। सोमवार को नगर निगम के ऑटो टिपर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर दी और कार्यालय परिसर में ही टिपर वाहन खड़े करके विरोध जताया। घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करने वाले इन कर्मचारियों के काम रोक देने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। इससे पहले करीब 900 सफाईकर्मी गुरुवार से ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे हैं।
शहर के कई इलाकों में सोमवार सुबह से कचरे के ढेर जमा होने शुरू हो गए हैं। दीपावली से ठीक पहले सफाई व्यवस्था ठप होने की वजह एक ही है — अनुभव प्रमाण पत्र की मांग, जिस पर निगम प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बनी खाई इतनी चौड़ी हो गई है कि वार्ता भी नतीजा नहीं दे पा रही।
अलवर नगर निगम हड़ताल का सबसे बड़ा असर: घर-घर कचरा संग्रहण ठप
अलवर नगर निगम हड़ताल का सबसे सीधा असर घर-घर कचरा संग्रहण पर पड़ा है। ऑटो टिपर कर्मचारी रोजाना गली-मोहल्लों में घूमकर घरों से कचरा इकट्ठा करते थे। सोमवार को जब ये वाहन निगम कार्यालय परिसर में ही खड़े कर दिए गए, तो सैकड़ों मोहल्लों में कचरा उठाने वाला कोई नहीं पहुंचा। घरों के बाहर कचरे के थैले पड़े हैं और कूड़ेदानों के आसपास गंदगी फैलनी शुरू हो गई है। निगम ने अभी तक कोई वैकल्पिक सफाई योजना सार्वजनिक नहीं की है।
टिपर कर्मचारियों की हड़ताल क्यों हुई? अनुभव प्रमाण पत्र ही मुख्य मांग
कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से घर-घर कचरा संग्रहण का काम ईमानदारी से कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं। उनकी मांग साफ है — जब तक निगम प्रशासन अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं करता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
टिपर कर्मचारी सोमवार सुबह निगम कार्यालय परिसर में जमा हुए और नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार निगम के चक्कर लगाए — लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं। अनुभव प्रमाण पत्र इनके रोजगार के भविष्य से जुड़ा सबसे अहम दस्तावेज है, क्योंकि राज्य में चल रही सफाई कर्मचारी भर्ती में आवेदन के लिए यह प्रमाण पत्र जरूरी है।
गुरुवार से जारी 900 सफाईकर्मियों की हड़ताल: वार्ता क्यों बेनतीजा रही
अलवर नगर निगम हड़ताल की यह लहर सोमवार को शुरू नहीं हुई। इससे पहले गुरुवार शाम को करीब 900 सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। उनकी मांग भी वही थी — अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
मंगलवार को सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय में धरना दिया था और प्रशासन को बुधवार तक का समय दिया था। बुधवार को कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो गुरुवार शाम कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला सफाईकर्मी मेयर की कार के आगे तक बैठ गई थीं। नगर निगम प्रशासन और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता भी हुई, लेकिन वह बेनतीजा रही। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक अनुभव प्रमाण पत्र हाथ में नहीं मिलते, तब तक शहर में सफाई नहीं की जाएगी।
सफाई कर्मचारी भर्ती 2026: 24,752 पद और 13 अक्टूबर की आखिरी तारीख
कर्मचारियों की नाराजगी की असली वजह राज्य में चल रही सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया है। राजस्थान सरकार की सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 में कुल 24,752 पदों पर भर्ती होनी है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 13 अक्टूबर 2026 है — यानी अब गिनती के घंटे बचे हैं।
कर्मचारियों के अनुसार, नगर निगम प्रशासन ने पहले 28 सितंबर तक अनुभव प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। लेकिन 28 सितंबर की समय सीमा निकलने के बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए। राज्य में सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 को लेकर हजारों अभ्यर्थी प्रमाण पत्र और दस्तावेजों को लेकर जूझ रहे हैं, और डेडलाइन नजदीक आने के साथ यह दबाव और बढ़ गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भर्ती का नाम | राजस्थान सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 |
| कुल पद | 24,752 |
| आवेदन की आखिरी तारीख | 13 अक्टूबर 2026 |
| अनुभव प्रमाण पत्र देने का वादा | 28 सितंबर 2026 तक |
| अलवर में हड़ताल पर कर्मचारी | करीब 900 सफाईकर्मी + ऑटो टिपर कर्मचारी |
अलवर नगर निगम हड़ताल का समाधान कब? आगे की राह
नगर निगम प्रशासन की ओर से अभी तक हड़ताल को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार प्रशासन कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से लगातार संपर्क में है और अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है।
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है — एक तरफ हड़ताली कर्मचारियों की मांग जल्द से जल्द पूरी करनी है, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था बहाल हो सके; दूसरी तरफ प्रमाण पत्र जारी करने में नियमानुसार जांच और प्रक्रिया का पालन भी करना है। कर्मचारियों का आरोप है कि इसी प्रक्रिया के नाम पर महीनों से टालमटोल हो रही है।
अगर अलवर नगर निगम हड़ताल अगले कुछ दिनों तक जारी रही, तो शहर में कचरा संकट और गहरा सकता है। नागरिकों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी सलाह यह है कि वे कचरे को खुले में न फेंकें और घर के कचरे को थैलों में बंद करके रखें, ताकि गंदगी न फैले। वहीं, हड़ताली कर्मचारियों की नजर 13 अक्टूबर की डेडलाइन पर टिकी है — अगर उससे पहले प्रमाण पत्र नहीं मिले, तो वे भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। सफाई कर्मचारियों से जुड़ी मुश्किलों की यह कोई पहली खबर नहीं है — कोटा में सफाई कर्मचारी की मौत के बाद भी विवाद सामने आ चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: अलवर नगर निगम हड़ताल कब शुरू हुई?
उत्तर: गुरुवार को करीब 900 सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद सोमवार (12 अक्टूबर 2026) को ऑटो टिपर कर्मचारियों ने भी हड़ताल कर दी और टिपर वाहन निगम कार्यालय परिसर में खड़े कर दिए।
प्रश्न 2: हड़ताली कर्मचारियों की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: कर्मचारियों की मुख्य मांग अनुभव प्रमाण पत्र जारी करना है। यह प्रमाण पत्र सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 में आवेदन के लिए जरूरी है, जिसकी आखिरी तारीख 13 अक्टूबर 2026 है।
प्रश्न 3: अलवर नगर निगम हड़ताल से शहर पर क्या असर पड़ा है?
उत्तर: घर-घर कचरा संग्रहण ठप हो गया है और कई इलाकों में कचरे के ढेर जमा हो रहे हैं। दीपावली से पहले यह संकट शहरवासियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
प्रश्न 4: सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 में कितने पद हैं और आखिरी तारीख क्या है?
उत्तर: राजस्थान सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 में कुल 24,752 पदों पर भर्ती होनी है और आवेदन की आखिरी तारीख 13 अक्टूबर 2026 है। प्रमाण पत्र न मिलने से कई कर्मचारी भर्ती से बाहर होने के डर में हैं।