Jaipur Atikraman Action: नगर निगम की बड़ी कार्रवाई — 10 कैंटर सामान जब्त, 76,500 रुपये कैरिंग चार्ज वसूला

जयपुर. गुलाबी नगरी की सड़कों और फुटपाथों पर पसरे अस्थाई अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम जयपुर ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त के निर्देश पर सतर्कता शाखा की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया, मौके से सामान जब्त किया और 76,500 रुपये का कैरिंग चार्ज भी वसूला। यह कार्रवाई पूर्व में मिली शिकायतों के आधार पर की गई, जिसमें उपायुक्त सतर्कता के नेतृत्व में टीम ने एक ही दिन में 10 कैंटर सामान जब्त कर नगर निगम के गोदाम पहुंचाया।

शिकायतों पर हुई कार्रवाई, उपायुक्त सतर्कता के नेतृत्व में उतरी टीम

नगर निगम जयपुर के आयुक्त ने पहले ही सतर्कता शाखा को निर्देश दिए थे कि शहर में बढ़ते अस्थाई अतिक्रमण पर सख्ती बरती जाए। गुरुवार को इन्हीं निर्देशों पर अमल करते हुए टीम सड़कों पर उतरी। पूर्व में प्राप्त शिकायतों की सूची के आधार पर उन इलाकों को निशाना बनाया गया, जहां सबसे ज्यादा अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं।

कार्रवाई के दौरान टीम ने सिर्फ सामान हटाया नहीं, बल्कि अतिक्रमण में इस्तेमाल हो रहा पूरा सामान जब्त कर लिया। 10 कैंटर भरकर सामान नगर निगम के गोदाम में भेजा गया, ताकि अतिक्रमणकर्ता उसे दोबारा सड़क पर न ला सकें। इसके साथ ही संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं से मौके पर ही 76,500 रुपये का कैरिंग चार्ज वसूला गया — यानी जब्त सामान को उठाने और गोदाम तक पहुंचाने का खर्च भी उन्हीं से वसूला गया।

इन इलाकों में चला अभियान: आनंद सिटी से वैशाली नगर तक

सतर्कता टीम ने गुरुवार को शहर के करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यह सिर्फ एक-दो इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे शहर में फैला हुआ था। टीम ने जिन स्थानों पर कार्रवाई की, उनमें आनंद सिटी, सूर्य कॉलोनी, आगरा रोड, सिसोदिया गार्डन के पास खानिया बंधा, ट्रांसपोर्ट नगर, गांधी नगर नेहरू गार्डन, जगतपुरा पुलिया के नीचे, मॉडल टाउन मालवीय नगर, द्वारकापुरी सर्किल, रिद्धी-सिद्धी के पास मानसरोवर, मेट्रो मास अस्पताल के पास तथा ए-ब्लॉक वैशाली नगर में चित्रकूट स्टेडियम के आसपास के क्षेत्र शामिल रहे।

इन इलाकों में सड़क किनारे लगे ठेले, फुटपाथ पर रखे गए सामान और दुकानों के बाहर फैलाए गए अस्थाई कब्जों को हटाया गया। कई जगहों पर व्यापारियों ने खुद ही सामान हटा लिया, तो कई जगहों पर टीम को जब्ती की कार्रवाई करनी पड़ी।

विवरण जानकारी
कार्रवाई की तारीख 1 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)
कार्रवाई करने वाली टीम नगर निगम सतर्कता शाखा (उपायुक्त सतर्कता के नेतृत्व में)
वसूला गया कैरिंग चार्ज 76,500 रुपये
जब्त सामान 10 कैंटर
सामान रखा गया नगर निगम गोदाम
कार्रवाई वाले प्रमुख इलाके आगरा रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, जगतपुरा, मालवीय नगर, मानसरोवर, वैशाली नगर समेत 12+ स्थान
आगे की चेतावनी दोबारा अतिक्रमण पर भारी चालान और प्रभावी कार्रवाई

समझाइश भी, चेतावनी भी: दोबारा पकड़े गए तो भारी चालान

नगर निगम की टीम ने इस बार सिर्फ जुर्माने तक सीमित रहने के बजाय अतिक्रमणकर्ताओं को समझाइश भी दी। उपायुक्त सतर्कता ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण करने वालों को भविष्य में अस्थाई अतिक्रमण समय पर हटाने के लिए मौखिक रूप से पाबंद किया गया। यानी पहली बार में समझाइश दी गई, लेकिन साथ ही साफ चेतावनी भी दी गई कि नगर निगम क्षेत्र में दोबारा अवैध अतिक्रमण पाए जाने पर भारी चालान सहित प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अस्थाई अतिक्रमण से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है, फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए बंद हो जाते हैं और बरसात में जलभराव की समस्या भी बढ़ती है। इसलिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

क्यों जरूरी है अतिक्रमण पर कार्रवाई: जानिए पूरा पक्ष

जयपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में अतिक्रमण सिर्फ सुंदरता का सवाल नहीं है — यह सीधे आम नागरिक की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा है। सड़क किनारे लगे ठेले और दुकानों के बाहर फैला सामान कई बार सड़क की आधी चौड़ाई घेर लेता है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। पैदल चलने वालों को फुटपाथ न मिलने पर सड़क पर चलना पड़ता है, जो दुर्घटनाओं का कारण बनता है।

दूसरी तरफ, छोटे व्यापारियों और ठेला लगाने वालों का पक्ष भी है कि उनके लिए रोजगार का यही जरिया है। नगर निगम समय-समय पर वेंडिंग जोन और हॉकर्स जोन बनाने की बात करता रहा है, ताकि छोटे व्यापारी व्यवस्थित तरीके से अपना कारोबार कर सकें और अतिक्रमण भी न हो। जानकारों का मानना है कि सिर्फ जब्ती और चालान से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा — व्यवस्थित वेंडिंग व्यवस्था ही दोनों पक्षों के लिए राहत ला सकती है।

जब्त सामान का क्या होता है: जानिए प्रक्रिया

अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि नगर निगम जब्त किए गए सामान का क्या करता है। प्रक्रिया के अनुसार, जब्त सामान को नगर निगम के गोदाम में रखा जाता है। अतिक्रमणकर्ता निर्धारित कैरिंग चार्ज और जुर्माना जमा करके अपना सामान छुड़ा सकते हैं। अगर तय समय सीमा के भीतर सामान नहीं छुड़ाया जाता, तो नियमों के अनुसार उसकी नीलामी भी की जा सकती है। इसलिए जिन लोगों का सामान जब्त हुआ है, उन्हें जल्द से जल्द निगम कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।

आगे क्या: निगम का अभियान जारी रहेगा

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान एक दिन का नहीं है। पूर्व में मिली शिकायतों के आधार पर आगे भी अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने आसपास हो रहे अवैध अतिक्रमण की शिकायत नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर या संबंधित जोन कार्यालय में दर्ज कराएं। शिकायतों के आधार पर ही टीम कार्रवाई का कार्यक्रम तय करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. नगर निगम ने 1 अक्टूबर को कहां-कहां अतिक्रमण हटाया?नगर निगम की सतर्कता टीम ने आनंद सिटी, सूर्य कॉलोनी, आगरा रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, गांधी नगर, जगतपुरा पुलिया के नीचे, मालवीय नगर, द्वारकापुरी सर्किल, मानसरोवर, मेट्रो मास अस्पताल के पास और वैशाली नगर के चित्रकूट स्टेडियम के आसपास समेत एक दर्जन से अधिक स्थानों पर कार्रवाई की।

2. अतिक्रमणकर्ताओं से कितना कैरिंग चार्ज वसूला गया?कार्रवाई के दौरान संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं से मौके पर कुल 76,500 रुपये का कैरिंग चार्ज वसूला गया। इसके अलावा अतिक्रमण में इस्तेमाल हो रहा सामान 10 कैंटरों में जब्त कर नगर निगम के गोदाम में भेजा गया।

3. जब्त सामान वापस कैसे मिलेगा?जब्त सामान नगर निगम के गोदाम में रखा जाता है। संबंधित व्यक्ति निर्धारित कैरिंग चार्ज और जुर्माना जमा करके संबंधित जोन कार्यालय या सतर्कता शाखा से संपर्क कर अपना सामान छुड़ा सकता है। समय पर सामान न छुड़ाने पर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई हो सकती है।

4. दोबारा अतिक्रमण करने पर क्या कार्रवाई होगी?नगर निगम ने साफ चेतावनी दी है कि दोबारा अवैध अतिक्रमण पाए जाने पर भारी चालान सहित प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इस बार अतिक्रमणकर्ताओं को मौखिक रूप से समझाइश देकर पाबंद भी किया गया है।

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