Rajasthan Panchayat Chunav 2026: ऐलान से पहले ही BJP अलर्ट मोड पर — 3 दिन में 25 जिलों का धुआंधार दौरा

जयपुर। राजस्थान में पंचायत राज चुनावों की तारीखों का ऐलान अभी बाकी है, लेकिन सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने रणभूमि में उतरने से पहले ही मोर्चा संभाल लिया है। नगरीय निकाय चुनावों में मिली शानदार जीत के बाद अब पार्टी की नजर पंचायत चुनावों पर है, और इसके लिए बड़े नेताओं ने 30 सितंबर से 2 अक्टूबर तक तीन दिनों का धुआंधार जिला दौरा शुरू कर दिया है। पहले चरण में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रदेश के 25 जिलों का दौरा करेंगे, कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे और उन्हें पंचायत चुनावों की रणनीति समझाएंगे।

निकाय चुनावों की तरह पंचायत चुनावों में भी भाजपा का परचम लहराने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ समेत संगठन के वरिष्ठ नेता तीन दिन तक विभिन्न जिलों के दौरे पर रहेंगे। इन दौरों के दौरान कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे और जिला स्तर की तैयारियों की समीक्षा होगी।

नगरीय निकायों की जीत के बाद अब पंचायत चुनाव का लक्ष्य

गौरतलब है कि प्रदेश में हाल ही में हुए नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा ने कुल 309 निकायों में से दो-तिहाई पर कब्जा जमाया था। प्रदेश के 10 नगर निगमों में से बीकानेर को छोड़कर शेष सभी 9 में भाजपा ने अपना बोर्ड बनाया। निकाय चुनावों में महज एक प्रतिशत से भी कम वोटों के अंतर से भाजपा से पिछड़ी कांग्रेस पंचायत चुनाव में इस हार का बदला लेना चाह रही है। लिहाजा कांग्रेस ने भी अपनी नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

राजस्थान हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के अनुसार, राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव हर हाल में 15 नवंबर 2026 की समय-सीमा से पहले पूरे कर लिए जाने हैं। इसी डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए अब राज्य निर्वाचन आयोग भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। मतदान अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर के पहले-दूसरे सप्ताह में होने की प्रबल संभावना है, और चार चरणों में मतदान कराए जाने की योजना है।

मदन राठौड़ पांच जिलों में, संजय भाटिया चार जिलों का दौरा करेंगे

पार्टी के प्रवक्ता रामलाल शर्मा के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ इन तीन दिनों में पांच जिलों का दौरा करेंगे। वे 30 सितंबर को टोंक और अजमेर जाकर कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। 1 अक्टूबर को ब्यावर और भीलवाड़ा जाएंगे, और 2 अक्टूबर को राजसमंद के दौरे पर रहकर जिला कार्यकर्ताओं से पंचायत चुनावों को लेकर विस्तार से चर्चा करेंगे।

भाजपा के नव नियुक्त प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री संजय भाटिया 30 सितंबर को खैरथल-तिजारा और अलवर में कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। वे 1 अक्टूबर को भरतपुर और दौसा जिले के कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। संजय भाटिया दो दिनों में चार जिलों को कवर करेंगे। पार्टी के सह प्रभारी कुलजीत सिंह चहल 30 सितंबर को झुंझुनूं और सीकर के कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे, उसके बाद 1 अक्टूबर को कोटपूतली और बहरोड़ जिले के कार्यकर्ताओं की बैठक करेंगे।

संगठन महामंत्री अजेय कुमार और राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी भी मैदान में

भाजपा के संगठन महामंत्री अजेय कुमार 30 सितंबर को जयपुर उत्तर और जयपुर दक्षिण जिला कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। उसके बाद 1 अक्टूबर को चूरू और बीकानेर जिला कवर करेंगे, और 2 अक्टूबर को गंगानगर और हनुमानगढ़ में जिला कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। अजेय कुमार कुल छह संगठनात्मक जिलों की बैठके लेंगे।

इसी तरह भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी 30 सितंबर को चित्तौड़ और प्रतापगढ़ जिलों में कार्यकर्ता बैठक लेंगे। 1 अक्टूबर को बांसवाड़ा और डूंगरपुर जाएंगे, और 2 अक्टूबर को उदयपुर जिले की बैठक लेंगे। हरीश द्विवेदी के खाते में भी पांच जिले हैं।

तीन दिवसीय दौरे का पूरा कार्यक्रम

नेतातारीखजिले
मदन राठौड़30 सितंबरटोंक, अजमेर
मदन राठौड़1 अक्टूबरब्यावर, भीलवाड़ा
मदन राठौड़2 अक्टूबरराजसमंद
संजय भाटिया30 सितंबरखैरथल-तिजारा, अलवर
संजय भाटिया1 अक्टूबरभरतपुर, दौसा
कुलजीत सिंह चहल30 सितंबरझुंझुनूं, सीकर
कुलजीत सिंह चहल1 अक्टूबरकोटपूतली, बहरोड़
अजेय कुमार30 सितंबरजयपुर उत्तर, जयपुर दक्षिण
अजेय कुमार1 अक्टूबरचूरू, बीकानेर
अजेय कुमार2 अक्टूबरगंगानगर, हनुमानगढ़
हरीश द्विवेदी30 सितंबरचित्तौड़, प्रतापगढ़
हरीश द्विवेदी1 अक्टूबरबांसवाड़ा, डूंगरपुर
हरीश द्विवेदी2 अक्टूबरउदयपुर

क्यों अहम है पंचायत चुनाव?

राजस्थान में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के कुल 1,40,237 वार्ड सदस्यों और 14,403 सरपंचों का चुनाव होना है। इनमें से जिला परिषद के 1403 वार्ड सदस्य 41 जिला प्रमुखों का चुनाव करेंगे, वहीं पंचायत समितियों के 8245 वार्ड सदस्य 457 प्रधानों का चुनाव करेंगे। यानी गांव-गांव तक सियासी माहौल रहेगा और दोनों बड़ी पार्टियां कार्यकर्ताओं के मनोबल को परखेंगी।

पंचायत चुनाव आम चुनावों से अलग होते हैं — यहां जातीय समीकरण, स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की छवि ही फैसला करती है। यही वजह है कि भाजपा ऐलान से पहले ही संगठन को सक्रिय कर रही है। पार्टी की रणनीति साफ है: कार्यकर्ताओं को पहले ही बूथ स्तर तक तैयार कर दो, ताकि आचार संहिता लगने के बाद सिर्फ चुनावी प्रबंधन पर ध्यान दिया जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: राजस्थान में पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान कब होगा?

उत्तर: राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी तक तारीखों का ऐलान नहीं किया है। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार 15 नवंबर 2026 से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी है, ऐसे में मतदान अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर के पहले-दूसरे सप्ताह में होने की प्रबल संभावना है। आयोग चुनावी तैयारियों में जुटा हुआ है।

प्रश्न: भाजपा नेताओं का तीन दिवसीय दौरा कब से कब तक है?

उत्तर: यह दौरा 30 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। पहले चरण में पार्टी के वरिष्ठ नेता 25 जिलों का दौरा कर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करेंगे और जिला स्तर की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

प्रश्न: कितने पदों पर पंचायत चुनाव होने हैं?

उत्तर: राजस्थान में कुल 1,40,237 वार्ड सदस्यों और 14,403 सरपंचों का चुनाव होना है। जिला परिषद के 1403 वार्ड सदस्य 41 जिला प्रमुख चुनेंगे, और पंचायत समितियों के 8245 वार्ड सदस्य 457 प्रधानों का चुनाव करेंगे।

प्रश्न: निकाय चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन कैसा रहा था?

उत्तर: नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा ने कुल 309 निकायों में से दो-तिहाई पर अपना बोर्ड बनाया था। 10 नगर निगमों में से बीकानेर को छोड़कर शेष सभी 9 में भाजपा सफल रही। कांग्रेस महज एक प्रतिशत से भी कम वोटों के अंतर से पीछे रह गई थी।

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