85 हजार किलो अचार पर सील: टंकियों में मच्छर-मकड़ी, एक-दो में मरी हुई छिपकलियां
दीपावली का सीजन सिर पर है और घरों में अचार-पापड़ की तैयारी जोरों पर है। जयपुर अचार फैक्ट्री छापा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मुहाना मंडी स्थित मैसर्स श्री श्याम फूड्स पर ऐसी कार्रवाई की है, जिसे सुनकर आप बाजार से अचार की बरनी उठाने से पहले दो बार सोचेंगे। फैक्ट्री के बेसमेंट में रखी करीब 100 प्लास्टिक टंकियों में जो मिला, वह खाने लायक तो दूर, देखने लायक भी नहीं था — टंकियों में मच्छर तैर रहे थे, मकड़ियों के जाले लगे थे और एक-दो टंकियों में तो मृत छिपकलियां तक पाई गईं।
विभाग ने करीब 85 हजार किलोग्राम अचार और कच्चा माल नष्ट करवाने के लिए सीज कर दिया है। परिसर को सील कर दिया गया है और अगले आदेश तक खाद्य कारोबार पर पूरी रोक लगा दी गई है। फर्म का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जयपुर अचार फैक्ट्री छापा: ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान का सबसे बड़ा एक्शन
यह कार्रवाई प्रदेश में चल रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन, प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के निर्देशन और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देश पर केंद्रीय खाद्य सुरक्षा दल और सीएमएचओ जयपुर द्वितीय की टीम ने मुहाना मंडी में श्री श्याम फूड्स का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह भी मौके पर मौजूद रहे।
निरीक्षण में फैक्ट्री के बेसमेंट में करीब 100 प्लास्टिक टंकियों में अलग-अलग तरह का अचार और उसे बनाने का कच्चा माल भरा पड़ा था। इनमें लगभग 5 हजार किलोग्राम तैयार अचार और गाजर, कैरी, नींबू और मिर्च सहित करीब 80 हजार किलोग्राम कच्चा माल प्रोसेसिंग के लिए रखा हुआ था। टंकियों की जांच में मच्छर, मकड़ियां और जाले मिले। एक-दो टंकियों में मृत छिपकलियां भी पाई गईं। परिसर में गंदगी थी और खिड़कियों-जालियों के टूटे होने से खाद्य सामग्री की स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
सीज सामग्री का पूरा हिसाब: एक नजर में
| सामग्री | मात्रा (लगभग) |
|---|---|
| तैयार अचार (विभिन्न प्रकार) | 5,000 किलोग्राम |
| कच्चा माल (गाजर, कैरी, नींबू, मिर्च) | 80,000 किलोग्राम |
| पैकिंग किया हुआ अचार और सॉस | 1,700 किलोग्राम |
| कुल सीज (नष्ट करवाने के लिए) | ~85,000 किलोग्राम |
| प्लास्टिक टंकियां (बेसमेंट में) | ~100 |
टीम ने मौके से सॉस, मिक्स अचार और आम के अचार के नमूने जांच के लिए लिए हैं। जयपुर अचार फैक्ट्री छापा में विभाग को आशंका थी कि सीज सामग्री को बेचा या खुर्द-बुर्द किया जा सकता है, इसलिए परिसर को सील कर दिया गया। संबंधित अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा, जयपुर द्वितीय को फर्म का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कानून भी सख्त: धारा 59 में जेल और जुर्माना दोनों
प्रथम दृष्टया जयपुर अचार फैक्ट्री छापा के इस प्रकरण में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 3(1)(zz) में परिभाषित ‘असुरक्षित खाद्य’ की अवधारणा और धारा 26 के अंतर्गत खाद्य कारोबार संचालक के दायित्वों के उल्लंघन के पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रयोगशाला जांच में उत्पाद असुरक्षित पाए जाने पर धारा 59 सहित लागू वैधानिक प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई होगी। अधिनियम की धारा 59 में उल्लंघन के परिणामों के अनुसार कारावास और जुर्माने दोनों का प्रावधान है। यानी यह मामला सिर्फ सीज-सील तक सीमित नहीं रहेगा।
विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षित निर्माण, स्वच्छता, उचित भंडारण, पैकेजिंग और लेबलिंग के नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई जारी रहेगी।
एक्शन सिर्फ श्री श्याम फूड्स तक नहीं: पायोनियर नेचुरल प्रोडक्ट्स पर भी गाज
उसी दिन मुहाना में ही एक और कार्रवाई हुई। मैसर्स पायोनियर नेचुरल प्रोडक्ट्स के निरीक्षण में खाद्य उत्पादों पर स्वास्थ्य संबंधी भ्रामक दावे किए जाने और पैकेजिंग पर अधूरा पता अंकित किए जाने की अनियमितताएं सामने आईं। टीम ने संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए और उपलब्ध माल को सीज कर दिया। फर्म को संबंधित उत्पादों का निर्माण और विक्रय अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दीपावली से पहले यह लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई है — इससे पहले जयपुर में 520 किलो मिलावटी पनीर नष्ट किया गया था और भीलवाड़ा में 515 किलो एक्सपायरी सामान पर कार्रवाई हुई थी। त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर विभाग की नजर लगातार बनी हुई है — जयपुर की अल्कलाइन वाटर फैक्ट्री पर भी हाल ही में 96 हजार नकली बोतलें जब्त की गई थीं।
त्योहारी सीजन में अचार खरीदने से पहले ये 7 बातें जरूर जांचें
बाजार से अचार या कोई भी पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- FSSAI लाइसेंस नंबर पैक पर छपा है या नहीं, जरूर देखें। बिना लाइसेंस नंबर वाला उत्पाद न खरीदें।
- निर्माण और समाप्ति तिथि साफ-साफ पढ़ी जा रही हो — धुंधली या ओवर-प्रिंटेड तारीख खतरे का संकेत है।
- पैक पर निर्माता का पूरा नाम और पता अंकित होना चाहिए। अधूरा पता मिलावटी कारोबार की निशानी हो सकती है।
- तेल में तैरता अचार हो तो रंग और गंध पर ध्यान दें — असामान्य तेज रंग या सड़ी गंध मतलब उत्पाद खराब है।
- सील टूटी पैकेजिंग कभी न खरीदें, चाहे छूट कितनी भी बड़ी क्यों न हो।
- ढीला (खुला) अचार खरीद रहे हैं तो दुकान की साफ-सफाई देख लें — बरनी ढकी है या खुली पड़ी है।
- कुछ गड़बड़ लगे तो जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी या CMHO कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं — आपकी एक शिकायत सैकड़ों परिवारों को बचा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: मुहाना मंडी की श्री श्याम फूड्स पर कार्रवाई किस अभियान के तहत हुई?
जयपुर अचार फैक्ट्री छापा प्रदेश में चल रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग के केंद्रीय दल और सीएमएचओ जयपुर द्वितीय की टीम ने 19 अक्टूबर 2026 को की।
प्रश्न 2: कुल कितना अचार और कच्चा माल सीज किया गया?
लगभग 5,000 किलो तैयार अचार, 80,000 किलो कच्चा माल और 1,700 किलो पैक्ड अचार-सॉस — कुल मिलाकर करीब 85,000 किलोग्राम सामग्री नष्ट करवाने के लिए सीज की गई है।
प्रश्न 3: खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 59 में क्या सजा का प्रावधान है?
असुरक्षित खाद्य के निर्माण, भंडारण या विक्रय पर धारा 59 के तहत उल्लंघन की गंभीरता के अनुसार कारावास और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।
प्रश्न 4: मिलावटी या असुरक्षित खाना दिखे तो शिकायत कहां करें?
आप अपने जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पैक पर FSSAI लाइसेंस नंबर न होना भी शिकायत का आधार है।