सोमवार सुबह कोटा रेलवे स्टेशन पर टाइगर श्रॉफ कोटा गिरफ्तारी की खबर ने पूरे देश को चौंका दिया। रविवार शाम मुंबई के जुहू में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के आरोप में तीनों शूटर राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से दबोच लिए गए। तीनों आरोपी मुंबई से दिल्ली जा रही ट्रेन में सवार थे और फरार होने की फिराक में थे, लेकिन कोटा पहुंचते ही पकड़े गए। यह केस इसलिए भी हाई-प्रोफाइल है क्योंकि हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कथित तौर पर ली थी, और आरोपियों को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस ने 15 स्पेशल टीमें बनाई थीं।
टाइगर श्रॉफ कोटा गिरफ्तारी: रेलवे स्टेशन पर कैसे पकड़े गए शूटर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार सुबह मुंबई से दिल्ली जा रही ट्रेन को कोटा रेलवे स्टेशन पर रोककर तलाशी के दौरान तीनों आरोपियों को धर दबोचा गया। इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार इस ऑपरेशन में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और राजस्थान पुलिस की टीमें शामिल थीं। वहीं टीवी9 हिंदी के मुताबिक, कोटा पुलिस ने तीनों शूटरों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है — रेलवे कॉलोनी के थानाधिकारी रामस्वरूप ने मीडिया से बातचीत में गिरफ्तारियों की पुष्टि की।
गिरफ्तारी का समय चौंकाने वाला है — हमला रविवार शाम को हुआ था और सोमवार सुबह आरोपी कोटा स्टेशन पर ट्रेन में पकड़े गए। यानी हमले के कुछ ही घंटों के भीतर तीनों को राजस्थान की धरती पर ट्रैक कर लिया गया। पुलिस को पहले से अंदेशा था कि हमलावर मुंबई छोड़कर भाग सकते हैं, इसलिए अलग-अलग शहरों को अलर्ट किया गया था। इसी अलर्ट के दम पर कोटा में तलाशी में तीनों पकड़ में आ गए।
गौरतलब है कि कोटा पुलिस की यह कोई पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। दीपावली से ठीक पहले कोटा में अवैध हथियार गिरोह के खिलाफ ऑपरेशन हॉक में तीन हथियारबंद बदमाश 5 पिस्टल के साथ दबोचे गए थे — उस कार्रवाई की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
टाइगर श्रॉफ कोटा गिरफ्तारी में कौन-कौन पकड़ा गया
पकड़े गए तीनों आरोपियों की पहचान सामने आ चुकी है:
| आरोपी | उम्र | मूल निवासी | पृष्ठभूमि |
|---|---|---|---|
| ऋतिक कुमार उर्फ रोशन | 22 वर्ष | ग्राम पिपराई, जिला बेगूसराय, बिहार | मुंबई के अंधेरी वेस्ट में रहकर रैपिडो चलाता था |
| रेहान | 18 वर्ष | ईदगाह कॉलोनी, थाना सदर, सोनीपत, हरियाणा | — |
| नाबालिग आरोपी | 17 वर्ष | बड़ौदा थूथन, सोनीपत, हरियाणा | नाम कानूनन सार्वजनिक नहीं |
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पहला आरोपी बिहार का था, लेकिन मुंबई में रैपिडो चालक का काम करता था — यानी वह मुंबई की गलियों से अच्छी तरह वाकिफ था। बाकी दोनों हरियाणा के सोनीपत के हैं, जिनमें से एक नाबालिग है। तीनों की उम्र 17 से 22 साल के बीच है — यानी इस साजिश में किशोर और युवा चेहरे इस्तेमाल किए गए। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल है कि ये तीनों एक-दूसरे से कैसे जुड़े और हमले के पीछे का असली मास्टरमाइंड कौन है।
रविवार शाम जुहू में क्या हुआ था
टाइगर श्रॉफ कोटा गिरफ्तारी की जड़ रविवार (18 अक्टूबर) की शाम में है। उस शाम टाइगर श्रॉफ अपनी कार से मुंबई के जुहू इलाके से गुजर रहे थे, तभी बाइक पर सवार तीन हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इंडिया टीवी के मुताबिक हमलावरों ने 7 राउंड फायरिंग की, जबकि टीवी9 के मुताबिक 5 राउंड फायरिंग हुई — राउंड की संख्या को लेकर रिपोर्ट्स में थोड़ा अंतर है।
हमले में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए — टीवी9 के मुताबिक उन्हें कुछ मामूली चोटें आईं, लेकिन वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि उनके ड्राइवर फिरदौस बलौच के हाथ में गोली लग गई, और एक रिक्शा चालक भी घायल हुआ। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत खतरे से बाहर है।
घटना के बाद फायरिंग का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी कार पर कई राउंड फायरिंग करते दिख रहे हैं। हमले के तुरंत बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मुंबई पुलिस ने 15 स्पेशल टीमें बनाई थीं और हमले में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक को पहले ही बरामद कर लिया गया था — रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बाइक की तीन बार खरीद-बिक्री हो चुकी थी।
बिश्नोई गैंग का दावा और जांच में आगे क्या होगा
टाइगर श्रॉफ कोटा गिरफ्तारी के साथ इस मामले का सबसे सनसनीखेज पहलू लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है। इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के थोड़ी देर बाद ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ले ली। गैंग से जुड़े बताए जाने वाले गैंगस्टर अनिल पंडित और हरमन संधु ने कथित तौर पर जिम्मेदारी ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक अनिल पंडित का नाम पहले भी कई फायरिंग के दावों में सामने आ चुका है। यहां “कथित तौर पर” कहना जरूरी है — यह दावा गैंग से जुड़े संदेशों के हवाले से आया है, और पुलिस अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया में है।
कोटा में छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी एक और ताजा घटना — एलन कोचिंग में छात्रों के बीच हुई खूनी झड़प — ने भी हाल में शहर को हिला दिया था।
गिरफ्तारी के बाद जांच का सबसे अहम चरण शुरू हुआ है। जांच एजेंसियों के सामने अब ये सवाल हैं: मास्टरमाइंड कौन है — क्या तीनों को किसी हैंडलर ने हायर किया था और पैसे का लेन-देन कहां से हुआ? हथियार और बाइक की सप्लाई चेन क्या है? आरोपी मुंबई से कैसे निकले और दिल्ली क्यों जा रहे थे — क्या दिल्ली में कोई ठिकाना तय था? और गैंग कनेक्शन के दावे की सच्चाई क्या है? संभावना है कि तीनों को मुंबई पुलिस को सौंपा जाएगा, जहां रिमांड पर विस्तृत पूछताछ होगी। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिल्मी सितारों की सुरक्षा का सवाल भी इस घटना ने फिर उठा दिया है। टाइगर श्रॉफ फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना याद दिलाती है कि सेलिब्रिटी सुरक्षा अब सिर्फ बॉडीगार्ड तक सीमित नहीं — संगठित अपराध के बदलते पैटर्न के सामने सुरक्षा एजेंसियों को भी लगातार अपडेट रहना होगा। पूरी घटना की विस्तृत जानकारी के लिए आप इंडिया टीवी की मूल रिपोर्ट भी देख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: टाइगर श्रॉफ फायरिंग के आरोपी कहां से गिरफ्तार हुए?
उत्तर: तीनों को 19 अक्टूबर 2026 की सुबह कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। तीनों मुंबई से दिल्ली जा रही ट्रेन में सवार थे।
प्रश्न 2: गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन शामिल है?
उत्तर: ऋतिक कुमार उर्फ रोशन (22, बेगूसराय, बिहार — मुंबई में रैपिडो चालक), रेहान (18, सोनीपत, हरियाणा) और एक 17 वर्षीय नाबालिग (सोनीपत, हरियाणा)।
प्रश्न 3: टाइगर श्रॉफ पर हमला कब और कहां हुआ था?
उत्तर: हमला रविवार शाम (18 अक्टूबर 2026) को मुंबई के जुहू इलाके में हुआ। बाइक सवार तीन हमलावरों ने कार पर 5-7 राउंड फायरिंग की। टाइगर सुरक्षित हैं, ड्राइवर और एक रिक्शा चालक घायल हुए।
प्रश्न 4: क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने जिम्मेदारी ली है?
उत्तर: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गैंग से जुड़े बताए जाने वाले अनिल पंडित और हरमन संधु ने कथित तौर पर जिम्मेदारी ली। पुलिस इसकी आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया में है।
स्रोत: इंडिया टीवी हिंदी और टीवी9 हिंदी की रिपोर्ट्स, प्रकाशन: 19 अक्टूबर 2026