राजस्थान में रबी फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है और किसानों के लिए खाद को लेकर राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि बुवाई के दौरान राजस्थान रबी खाद स्टॉक की कमी से किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। केंद्र से जो खाद मिल रही है, उसे समय पर किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
सबसे बड़ा फैसला यह है कि खाद के वितरण की निगरानी के लिए 744 उर्वरक निरीक्षक तैनात किए गए हैं। ये निरीक्षक खाद की उपलब्धता से लेकर उसके वितरण तक हर स्तर पर नजर रखेंगे, ताकि किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से समय पर खाद मिले।
रबी सीजन किसानों के लिए क्यों अहम है?
राजस्थान में सरसों, गेहूं, चना, जौ और मटर जैसी रबी फसलें खेती की रीढ़ हैं। इस बार रबी बुवाई का लक्ष्य करीब 1.15 करोड़ हेक्टेयर है, और सरसों के उत्पादन में राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। यानी लाखों किसान परिवारों की आमदनी इसी बुवाई की सफलता पर टिकी है।
डीएपी जड़ों के विकास में मदद करता है, जबकि यूरिया पौधों की बढ़वार को तेज करता है। बुवाई के समय ये खाद न मिले तो पूरा फसल चक्र बिगड़ जाता है — इसलिए सरकार का आश्वासन बड़ी राहत है।
टास्क फोर्स की बैठक में क्या फैसले हुए?
खाद की उपलब्धता और सही वितरण को लेकर उर्वरक वितरण नियामक टास्क फोर्स की बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की। कृषि विभाग की प्रमुख सचिव मंजू राजपाल भी मौजूद रहीं।
बैठक में तय हुआ कि खाद की आपूर्ति में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिन इलाकों में मांग ज्यादा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति की जाएगी। जमाखोरी, कालाबाजारी, जबरन टैगिंग और बिना अनुमति खाद रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ‘धरती माता बचाओ’ अभियान की समितियां भी खाद की उपलब्धता पर नजर रखेंगी।
राजस्थान रबी खाद स्टॉक: अभी कितना खाद उपलब्ध है?
प्रमुख सचिव मंजू राजपाल के मुताबिक राज्य में इस समय पर्याप्त स्टॉक मौजूद है:
| खाद का प्रकार | उपलब्ध स्टॉक (मीट्रिक टन) |
| यूरिया | करीब 3.73 लाख |
| डीएपी | करीब 1.04 लाख |
| एनपीके | करीब 95,000 |
| एसएसपी | करीब 2.09 लाख |
इसके अलावा अक्टूबर के लिए केंद्र ने राजस्थान को 4.60 लाख टन यूरिया और 2.004 लाख टन डीएपी आवंटित किया है। एक अक्टूबर के स्टॉक को शामिल करते हुए अब तक 4.33 लाख टन यूरिया और 1.41 लाख टन डीएपी की व्यवस्था हो चुकी है।
जिले के हिसाब से बनेगी राजस्थान रबी खाद स्टॉक की आपूर्ति योजना
केंद्र खाद का आवंटन महीने और कंपनी के हिसाब से करती है, और फिर राजस्थान का कृषि विभाग हर जिले की मांग के हिसाब से वितरण की योजना बनाता है। राजस्थान रबी खाद स्टॉक की यह जिलावार व्यवस्था इसलिए अहम है, क्योंकि हर जिले की फसल-पद्धति अलग है। जिस जिले में जिस समय जिस खाद की जरूरत ज्यादा होगी, वहां उसे प्राथमिकता मिलेगी।
सहकारी समितियों के जरिए भी खाद की पहुंच बढ़ाई जा रही है। राज्य की बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋणदात्री समितियों (एम-पैक्स) को अब उर्वरक और बीज के व्यापार के लिए बैंक से साख सीमा मिलेगी, ताकि गांव-गांव में किसानों को उचित दाम पर खाद मिल सके।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई
खाद को लेकर किसानों की सबसे बड़ी शिकायत यही है कि कहीं खाद मिलती ही नहीं और कहीं मिलती है तो तय दाम से ज्यादा पर। इसी को देखते हुए सरकार ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अब तक कृषि विभाग ने 12,362 विक्रय परिसरों का निरीक्षण किया है। इस दौरान 24 एफआईआर दर्ज हुईं, 115 उर्वरक लाइसेंस निलंबित और 3 लाइसेंस रद्द किए गए। डायवर्जन के मामलों में 1,223 बैग और गुणवत्ता नियंत्रण की कार्रवाई में 8,533 बैग जब्त किए गए, जबकि 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
खरीफ का अनुभव: मांग से ज्यादा आपूर्ति मिली थी
इस बार के फैसलों का आधार खरीफ सीजन-2026 का अनुभव भी है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया था कि खरीफ में 5 लाख 10 हजार टन की मांग के मुकाबले 5 लाख 44 हजार 995 टन डीएपी और 11 लाख टन की मांग के मुकाबले 17 लाख 15 हजार 814 टन यूरिया उपलब्ध कराया गया था। रबी बुवाई के समय डीएपी की 14 ट्रेन रैक (लगभग 35 हजार टन) पहले ही रास्ते में थीं, जो मध्य अक्टूबर तक उपलब्ध हो गई थीं।
खाद का सही इस्तेमाल और खरीद में सावधानी
खाद हमेशा मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही डालें। सरसों में बुवाई के समय डीएपी सबसे अहम है, क्योंकि यह जड़ों को मजबूत करता है। गेहूं में डीएपी के साथ यूरिया की पहली खुराक बुवाई के समय और बाकी मात्रा सिंचाई के साथ दी जाती है। खाद की पूरी मात्रा एक बार में न डालकर फसल की अवस्था के हिसाब से बांटकर डालें।
सरकार ने अपील की है कि किसान अफवाहों के बहकावे में आकर जरूरत से ज्यादा उर्वरक न खरीदें। खाद हमेशा सरकारी तय दाम पर ही खरीदें और बिल जरूर लें। जबरन टैगिंग की शिकायत जिला कंट्रोल रूम या नियुक्त उर्वरक निरीक्षक से दर्ज कराएं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: रबी सीजन में राजस्थान में खाद की किल्लत होगी या नहीं?
उत्तर: सरकार के मुताबिक राजस्थान रबी खाद स्टॉक की स्थिति मजबूत है — 3.73 लाख टन यूरिया, 1.04 लाख टन डीएपी, 95 हजार टन एनपीके और 2.09 लाख टन एसएसपी उपलब्ध है। केंद्र से अक्टूबर में अतिरिक्त आवंटन भी मिल रहा है।
प्रश्न: 744 उर्वरक निरीक्षक क्या काम करेंगे?
उत्तर: ये निरीक्षक खाद की उपलब्धता से लेकर उसके वितरण तक की निगरानी करेंगे और देखेंगे कि किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से समय पर खाद मिले। राजस्थान रबी खाद स्टॉक की पारदर्शिता बनाए रखने में इनकी भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।
प्रश्न: कालाबाजारी करने वालों पर क्या कार्रवाई हो रही है?
उत्तर: अब तक 12,362 विक्रय परिसरों का निरीक्षण हुआ है। 24 एफआईआर दर्ज हुईं, 115 लाइसेंस निलंबित और 3 रद्द किए गए। राजस्थान रबी खाद स्टॉक की कालाबाजारी रोकने के लिए 61 चेक पोस्ट बनाकर अवैध परिवहन पर भी रोक लगाई गई है।
प्रश्न: किसान शिकायत कहां दर्ज करा सकते हैं?
उत्तर: खाद हमेशा तय दाम पर खरीदें और बिल लें। जबरन टैगिंग या कालाबाजारी की शिकायत जिले के कंट्रोल रूम या नियुक्त उर्वरक निरीक्षक से की जा सकती है। कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी संपर्क विवरण उपलब्ध हैं।