मेड़ता मंडी भाव आज 14 जून 2026 :- जून का आधा महीना बीतने के साथ ही मंडी में जिंसों की आवक और कीमतों में बड़े फेरबदल देखने को मिल रहे हैं। आज के कारोबार में विशेष रूप से जीरा, सौंफ और मूंग की कीमतों ने व्यापारियों और किसानों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
पश्चिमी राजस्थान के किसानों के लिए मेड़ता मंडी केवल एक व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि उनकी साल भर की मेहनत का पैमाना है। आज सुबह से ही मंडी प्रांगण में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि, मानसून की आहट और बदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए किसान अपनी उपज को जल्द से जल्द सुरक्षित दामों पर बेचने की कोशिश में नजर आए। आज बाजार में लिवाली (खरीदारी) का रुख मिला-जुला रहा, जहां कुछ फसलों में निर्यात मांग के चलते मजबूती दिखी, वहीं कुछ में स्थानीय आवक के दबाव से स्थिरता रही।
मेड़ता मंडी भाव आज 14 जून 2026
| फसल | अधिकतम भाव (₹) | मध्यम भाव (₹) | न्यूनतम भाव (₹) |
| मूंग | 8200 | 6600 | 5000 |
| जीरा | 22500 | 20250 | 18000 |
| सौंफ | 8400 | 7200 | 6000 |
| ईसबगोल | 12300 | 11400 | 10500 |
| रायड़ा (सरसों) | 6200 | 5950 | 5700 |
| सुवा | 8500 | 8000 | 7500 |
| चना | 5100 | 4750 | 4400 |
| ग्वार | 5075 | 4900 | 4700 |
| असालिया | 5900 | 5600 | 5300 |
| तारामीरा | 4950 | 4475 | 4000 |
प्रमुख फसलों का बाजार विश्लेषण
जीरा का भाव
जीरा आज भी मेड़ता मंडी का किंग बना रहा। अधिकतम भाव 22,500 रुपये तक जा पहुंचे। निर्यात मांग (Export Demand) में मजबूती और स्टॉक की कमी ने कीमतों को सपोर्ट दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि निर्यात की स्थिति ऐसी ही रही, तो आने वाले दिनों में जीरा 24,000 के स्तर को भी पार कर सकता है। किसानों को सलाह: वर्तमान भाव काफी आकर्षक हैं। यदि आपके पास अच्छी क्वालिटी का माल है, तो धीरे-धीरे बेचना शुरू करें।
सौंफ का भाव
आज सौंफ के भाव में 8,400 रुपये का उच्चतम स्तर देखा गया। पिछले कुछ दिनों से सौंफ में सुस्ती थी, लेकिन आज स्टॉकिस्टों की सक्रियता से बाजार में जान आ गई। रंग और खुशबू के आधार पर कीमतों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। हरी सौंफ की मांग सबसे अधिक है।
मूंग का भाव
मूंग का बाजार आज स्थिर रहा, जहां अधिकतम भाव 8,200 रुपये दर्ज किए गए। दाल मिलों की ओर से मांग सामान्य है। चूंकि सरकार की ओर से भी दलहन बाजार पर कड़ी नजर रखी जा रही है, इसलिए कीमतों में बहुत बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन मंदी के आसार भी नहीं हैं।
ईसबगोल का भाव
फार्मास्युटिकल और वेलनेस इंडस्ट्री में ईसबगोल की बढ़ती खपत के कारण इसके भाव 12,300 रुपये पर मजबूत बने हुए हैं। मेड़ता का इसबगोल अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है, इसलिए यहां बाहरी राज्यों के खरीदार भी सक्रिय हैं।
ग्वार और रायडा
ग्वार का भाव 5,075 रुपये के आसपास टिका हुआ है। औद्योगिक मांग कम होने के कारण ग्वार में फिलहाल कोई बड़ा उछाल देखने को नहीं मिल रहा है। वहीं रायड़ा (सरसों) में 6,200 रुपये के भाव के साथ हल्की मजबूती दिखी है, जो खाद्य तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का परिणाम है।
बाजार विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 का यह सीजन मसालों के लिए ‘सुनहरा साल’ साबित हो सकता है। जीरे की पैदावार पिछले अनुमानों से कम रहने की खबरों ने बाजार को मनोवैज्ञानिक बढ़त दी है। सौंफ में भी आने वाले 15-20 दिनों में 2-3% की और तेजी देखी जा सकती है। हालांकि, दलहन (मूंग, चना) में सरकारी हस्तक्षेप और आयात नीतियों के चलते बाजार एक सीमित दायरे में ही घूमेगा।