जयपुर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने टेलीग्राम पर मैसेज के साथ लिंक भेजकर गेम खेलने और पैसे कमाने का लालच दिया तथा पीड़ित से करीब ₹1.75 लाख ठग लिए। गेम में फंसे हुए पैसों को निकालने के लिए आरोपी युवक को टास्क पर टास्क देते रहे। इस संबंध में पीड़ित की ओर से भट्टा बस्ती थाने में आईटी एक्ट (IT Act) के तहत मामला दर्ज करवाया गया है।
किस तरह झांसे में लेकर ठगते रहे
भट्टा बस्ती थानाधिकारी (SHO) सुरेंद्र कुमार ने बताया कि शास्त्री नगर निवासी इमरान खान ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पीड़ित को टेलीग्राम पर एक मैसेज आया था, जिसमें लिखा था— “₹200 से ₹500 रोजाना पार्ट टाइम कमाने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें।” जब उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, तो वे एक ग्रुप से जुड़ गए जिसमें कई लोग पहले से मौजूद थे। ग्रुप के निर्देशानुसार उन्होंने गेम खेलना शुरू कर दिया। गेम में बताया गया कि ₹2000 जमा करने पर ₹2500 मिलेंगे। रुपए जमा करने के बाद जब टास्क पूरा नहीं हुआ, तो एक और मैसेज आया कि टास्क पूरा करने के लिए ₹26,995 और जमा करने होंगे। पीड़ित ठगों के जाल में फंसता चला गया और टास्क पूरा करने के चक्कर में लगातार पैसे जमा कराता रहा। ठगों ने फिर मैसेज कर ₹58,600 जमा करने को कहा। पैसे न होने की बात कहने पर ठगों ने कहा कि कहीं से भी एडजस्ट कर लें, 10 मिनट में टास्क जीतते ही आपको ₹1,06,550 वापस मिल जाएंगे।
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फंसी हुई रकम निकालने के लालच में फंसता गया पीड़ित
झांसे में आकर पीड़ित ने उनके बताए अनुसार रकम जमा करवा दी। इसके बाद ठगों ने एक और टास्क देकर ₹85,600 जमा करने को कहा। जब पीड़ित ने मना किया, तो कहा गया कि इसके बाद आपके ₹2.60 लाख वापस आ जाएंगे। अपनी फंसी हुई रकम को निकालने के लालच में युवक ने ₹50,000 और जमा करवा दिए। बार-बार टास्क के नाम पर रुपए ऐंठने के बाद जब पीड़ित को अहसास हुआ, तो उसने गेम खेलना बंद कर दिया। इसके बाद 15 सितंबर की सुबह करीब 10:15 बजे उसे टास्क पूरा करने के लिए फिर कॉल आया। जब पीड़ित ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो ठगों ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित ने भट्टा बस्ती थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई
ठगों के बारे में क्या पता चला
पीड़ित युवक द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि, पुलिस को फिलहाल ठगों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। यह रिपोर्ट रविवार शाम को दर्ज करवाई गई थी। साइबर ठगी कहां से और किस गिरोह द्वारा की गई है, पुलिस इसकी तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
ऐसे साइबर ठगों से कैसे बचें
अगर आप टेलीग्राम, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, तो विशेष सावधानी बरतें। यदि आपको कोई घर बैठे पैसे कमाने, पार्ट टाइम जॉब या गेम खेलकर रुपए डबल करने का झांसा देता है, तो उनके दिए गए किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें।
ये ठग शुरुआत में ₹100 के ₹200 देने का लालच देकर आपकी गाढ़ी कमाई ऐंठ लेते हैं। इसलिए यदि आपके पास ऐसा कोई मैसेज आए, तो उस पर भरोसा न करें, मैसेज को डिलीट कर दें और भेजने वाले के अकाउंट को तुरंत ब्लॉक कर दें।