उम्र साठ पार, हौसला किसी नौजवान से कम नहीं। केरल के कोच्चि में 2 से 4 अक्टूबर तक हुई 10वीं राष्ट्रीय पिकलबॉल चैंपियनशिप-2026 में उदयपुर के वरिष्ठ खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने सबका ध्यान खींच लिया। 60 वर्ष से अधिक उम्र की श्रेणी में शहर के खिलाड़ियों ने तीन कांस्य पदक अपने नाम किए और पूरे राजस्थान का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन किया।
यह सफलता सिर्फ तीन पदकों की कहानी नहीं है। यह उस बदलती सोच की कहानी है जो कहती है कि खेल की कोई उम्र नहीं होती। जिस उम्र में लोग सेहत की चिंताओं से जूझ रहे होते हैं, उस उम्र में उदयपुर के ये खिलाड़ी देशभर के प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर राष्ट्रीय पदक लेकर घर लौटे हैं।
60 की उम्र, 3 राष्ट्रीय पदक — इन चेहरों ने रचा इतिहास
सबसे बड़ा नाम है बिंदु बांठिया का। 60 वर्ष से अधिक महिला एकल वर्ग में उन्होंने दमदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में एकल वर्ग का पदक किसी भी खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है, और वह भी तब जब मुकाबला पूरे देश के अनुभवी खिलाड़ियों से हो।
दूसरा पदक शरत कटारिया के नाम रहा। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक पुरुष एकल वर्ग में कांस्य अपने नाम किया। लेकिन शरत कटारिया की असली चमक युगल स्पर्धा में दिखी, जहां उन्होंने अलका कटारिया के साथ जोड़ी बनाकर 60 वर्ष से अधिक मिश्रित युगल वर्ग में भी कांस्य पदक जीता। यानी एक ही चैंपियनशिप में दो कांस्य — एकल और युगल दोनों में। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद खास उपलब्धि मानी जाती है।
इसके अलावा महेंद्र मंडावत और अचल आंचल तलेसारा ने भी इस प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भले ही वे पदक नहीं जीत पाए, लेकिन राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना अपने आप में बड़ी बात है।
कोच्चि में तीन दिन चला राष्ट्रीय महासंग्राम
10वीं राष्ट्रीय पिकलबॉल चैंपियनशिप-2026 का आयोजन 2 से 4 अक्टूबर तक केरल के कोच्चि में हुआ। देशभर से सैकड़ों खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे थे। विभिन्न आयु वर्गों और श्रेणियों में मुकाबले हुए, जिनमें वरिष्ठ खिलाड़ियों की श्रेणी भी शामिल थी।
उदयपुर के खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में स्पोर्ट्स बॉक्स, उदयपुर की ओर से राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। तीनों पदक 60+ श्रेणी में आए, जो यह बताता है कि वरिष्ठ आयु वर्ग में राजस्थान की तैयारी देश के अग्रणी राज्यों के बराबर है।
चैंपियनशिप के समापन पर स्पोर्ट्स बॉक्स की टीम ने खुशी जताई और सभी पदक विजेताओं को बधाई दी।
पिकलबॉल: वह खेल जो राजस्थान में तेजी से पैर पसार रहा है
पिकलबॉल एक पैडल खेल है जिसमें टेनिस, बैडमिंटन और टेबल टेनिस के तत्व मिलते हैं। छोटा कोर्ट, हल्का पैडल और छेद वाली प्लास्टिक गेंद — यही इस खेल की पहचान है। भारत में यह सबसे तेजी से बढ़ते खेलों में गिना जा रहा है, और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे हर उम्र के लोग आसानी से खेल सकते हैं।
राजस्थान में भी इस खेल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। महज कुछ दिन पहले 30 सितंबर को जयपुर में राजस्थान स्टेट पिकलबॉल ट्रायल्स में 394 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। उदयपुर की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि प्रदेश में इस खेल की जड़ें मजबूत हो रही हैं।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि पिकलबॉल खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए आदर्श खेल है। इसमें चोट का खतरा कम होता है और यह शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक ताजगी भी देता है। यही वजह है कि 60+ श्रेणी में देशभर से बड़ी संख्या में खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
स्पोर्ट्स बॉक्स उदयपुर: वरिष्ठ खिलाड़ियों का अखाड़ा
इन तीनों पदकों के पीछे एक नाम बार-बार आया — स्पोर्ट्स बॉक्स, उदयपुर। यह वही प्रशिक्षण केंद्र है जहां ये सभी खिलाड़ी नियमित रूप से पिकलबॉल का अभ्यास करते हैं। नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन ने वरिष्ठ खिलाड़ियों को वह माहौल दिया जिसकी उन्हें जरूरत थी।
पदक तालिका: किसे, किस स्पर्धा में मिला सम्मान
| खिलाड़ी | स्पर्धा | श्रेणी | पदक |
|---|---|---|---|
| बिंदु बांठिया | महिला एकल | 60 वर्ष से अधिक | कांस्य |
| शरत कटारिया | पुरुष एकल | 60 वर्ष से अधिक | कांस्य |
| शरत कटारिया और अलका कटारिया | मिश्रित युगल | 60 वर्ष से अधिक | कांस्य |
वरिष्ठ खिलाड़ियों की सफलता क्यों है खास
राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतना किसी भी उम्र में आसान नहीं होता — देशभर के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाना महीनों के अभ्यास और मानसिक मजबूती का नतीजा होता है। यह सफलता उन हजारों वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणा है जो सोचते हैं कि खेल-कूद की उम्र निकल गई। बिंदु बांठिया, शरत कटारिया और अलका कटारिया ने दिखा दिया है कि सही लगन हो तो साठ की उम्र में भी राष्ट्रीय पदक जीता जा सकता है।
राजस्थान जैसे राज्य के लिए, जहां क्रिकेट और कबड्डी की चर्चा ज्यादा होती है, पिकलबॉल जैसे उभरते खेल में राष्ट्रीय पदक मिलना खेल विविधता की दिशा में बड़ा कदम है।
आगे की राह
राष्ट्रीय चैंपियनशिप में मिली इस सफलता के बाद अब निगाहें आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। खेल जानकारों का मानना है कि अगर वरिष्ठ खिलाड़ियों को इसी तरह सुविधाएं मिलती रहीं, तो राजस्थान पिकलबॉल के नक्शे पर और मजबूती से उभरेगा।
उदयपुर के इन खिलाड़ियों की कहानी हर उस व्यक्ति के लिए संदेश है जो उम्र को बहाना बनाकर अपने शौक से दूर हो गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: 10वीं राष्ट्रीय पिकलबॉल चैंपियनशिप-2026 कहां और कब हुई? जवाब: यह चैंपियनशिप केरल के कोच्चि में 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हुई थी। इसमें देशभर के खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु वर्गों में हिस्सा लिया।
सवाल: उदयपुर के किन खिलाड़ियों ने पदक जीते? जवाब: बिंदु बांठिया ने 60+ महिला एकल में, शरत कटारिया ने 60+ पुरुष एकल में और शरत कटारिया-अलका कटारिया की जोड़ी ने 60+ मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता।
सवाल: पिकलबॉल खेल क्या है? जवाब: पिकलबॉल एक पैडल खेल है जिसमें टेनिस, बैडमिंटन और टेबल टेनिस के तत्व शामिल हैं। इसे छोटे कोर्ट पर हल्के पैडल और छेद वाली गेंद से खेला जाता है। यह हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है और भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
सवाल: राजस्थान में पिकलबॉल की क्या स्थिति है? जवाब: राजस्थान में यह खेल तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में जयपुर में हुए स्टेट ट्रायल्स में 394 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। उदयपुर के खिलाड़ियों की राष्ट्रीय सफलता इस खेल के प्रदेश में बढ़ते आधार को दर्शाती है।