जयपुर बड़ी चौपड़-आमेर रूट पर टू-वे जारी रहेगा: व्यापारियों के बंद के बाद पुलिस से हुआ समझौता, जानें 5 बड़े फैसले

जयपुर के परकोटा क्षेत्र के हजारों व्यापारियों और लाखों राहगीरों के लिए आज राहत भरी खबर आई है। बड़ी चौपड़ से आमेर तक के रास्ते पर फिलहाल टू-वे यातायात व्यवस्था ही जारी रहेगी। यह फैसला शनिवार शाम को जयपुर व्यापार महासंघ के प्रतिनिधिमंडल और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के बीच हुई अहम बैठक में लिया गया। बैठक में तय हुआ कि यातायात का दबाव बढ़ने पर ही वन-वे व्यवस्था लागू होगी, और वह भी व्यापारियों को पहले से सूचना देकर।

आज सुबह से ही यह मामला गरम था। जयपुर व्यापार महासंघ के बैनर तले व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान सुबह से शाम तक बंद रखकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया था। शाम की बैठक में दोनों पक्षों के बीच कई बिंदुओं पर सहमति बन गई।

सुबह की बंदी: बड़ी चौपड़ पर करीब 400 दुकानें बंद रहीं

शनिवार सुबह जयपुर के परकोटा क्षेत्र का नजारा आम दिनों से बिल्कुल अलग था। सुभाष चौक से हवा महल रूट पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा लागू की गई वन-वे यातायात व्यवस्था के विरोध में करीब 400 दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखे। व्यापारी बड़ी चौपड़ पर इकट्ठा हुए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

व्यापारियों का कहना था कि त्योहारी सीजन के ऐन वक्त पर रास्ते बदले जाने से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। जौहरी बाजार, चांदी की टकसाल, हवा महल बाजार, सुभाष चौक और आमेर रोड के व्यापारियों का आरोप है कि वन-वे व्यवस्था के बाद ग्राहक उनकी दुकानों तक पहुंच ही नहीं पा रहे, जिससे त्योहारी धंधा बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

व्यापारियों के आंदोलन को जयपुर टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन सिंह राजपुरा का कहना है कि बिना हितधारकों से राय लिए रास्ते बंद करने से पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान पहुंचता है। प्रदर्शन के दौरान एसीपी पीयूष कविया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी कि संज्ञान नहीं लिया गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल और उग्र आंदोलन भी हो सकता है।

बड़ी चौपड़-आमेर टू-वे पर शाम की बैठक में ये 5 बड़े फैसले हुए

सुबह के बंद के बाद जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल और महामंत्री सुरेश सेनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल की पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें डीसीपी ट्रैफिक प्रवीण नायक, एडिशनल डीसीपी हरिप्रसाद सोमानी और अतिरिक्त डीसीपी डॉ. हेमंत जाखड़ समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

क्रम निर्णय विवरण
1 बड़ी चौपड़ से आमेर तक टू-वे जारी फिलहाल मार्ग दोनों दिशाओं में खुला रहेगा
2 वन-वे सिर्फ दबाव बढ़ने पर अत्यधिक दबाव होने पर ही लागू होगा, पूर्व सूचना अनिवार्य
3 अतिक्रमण पर संयुक्त जिम्मेदारी पुलिस के साथ व्यापार मंडल भी अतिक्रमण रोकने में भूमिका निभाएंगे
4 बाजारों में वॉलंटियर्स व्यापार मंडल वॉलंटियर्स लगाएंगे, पुलिस के साथ समन्वय में यातायात सुगम करेंगे
5 डीसीपी का खुद दौरा डीसीपी ट्रैफिक टीम के साथ बाजार क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे

बैठक में चांदी की टकसाल, जौहरी बाजार (अध्यक्ष अजय अग्रवाल), हवा महल बाजार, सुभाष चौक और आमेर रोड व्यापार मंडल के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

टू-वे क्यों बना मुद्दा: त्योहार, पर्यटक और व्यापार का सवाल

बड़ी चौपड़ से आमेर तक का रास्ता सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि जयपुर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह मार्ग हवा महल, जंतर-मंतर, सिटी पैलेस और आमेर किले जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को जोड़ता है। दीपावली से ठीक पहले का यह समय परकोटा के बाजारों के लिए साल का सबसे कमाऊ समय होता है — इसी भीड़ पर व्यापारियों की सालभर की कमाई का बड़ा हिस्सा निर्भर करता है।

पुलिस प्रशासन का तर्क था कि संकरी गलियों और भारी भीड़ के बीच यातायात निर्बाध रखने के लिए वन-वे व्यवस्था जरूरी है। लेकिन व्यापारियों का अनुभव कुछ और कहता है — वन-वे के बाद ग्राहकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे कई लोग बाजार आना ही छोड़ देते हैं। बुजुर्ग ग्राहकों और पर्यटकों के लिए यह व्यवस्था बड़ी परेशानी बन गई थी।

महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जयपुर के ऐतिहासिक बाजार शहर की पहचान हैं — इनमें सुचारू यातायात, ग्राहकों की आसान पहुंच, व्यापारियों की आजीविका और पर्यटकों की राहत, सब एक साथ जरूरी है। महासंघ हमेशा संवाद और सहयोग से समाधान का पक्षधर रहा है।

आगे क्या: दौरा, वॉलंटियर्स और नियमित निगरानी

फैसलों को धरातल पर उतारने के लिए ठोस कदम तय किए गए हैं। डीसीपी ट्रैफिक प्रवीण नायक खुद अपनी टीम के साथ बाजार क्षेत्र का दौरा करेंगे — यातायात व्यवस्था के साथ-साथ व्यापारियों की अन्य स्थानीय समस्याओं का भी निरीक्षण होगा।

सड़क पर अस्थायी अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। यातायात बाधित करने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ व्यापार मंडल भी जिम्मेदारी निभाएंगे, और बाजारों में वॉलंटियर्स लगाए जाएंगे जो पुलिस के साथ समन्वय करके यातायात सुगम बनाएंगे।

शहर में विकास के काम भी तेजी से चल रहे हैं — जयपुर मेट्रो फेज 1C के तहत सुरंग खुदाई जारी है जो भविष्य में यातायात को बड़ी राहत देगी, वहीं दीपावली से पहले सफाई और सौंदर्यीकरण का अभियान भी चल रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि परकोटा जैसे ऐतिहासिक क्षेत्र में कोई भी स्थायी समाधान तभी कारगर होगा जब उसमें सभी हितधारकों की राय शामिल हो — आज की बैठक इसी दिशा में सकारात्मक कदम है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: बड़ी चौपड़ से आमेर तक का रास्ता अब वन-वे रहेगा या टू-वे?

उत्तर: फिलहाल टू-वे यातायात व्यवस्था ही जारी रहेगी। वन-वे तभी लागू होगा जब यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ जाए, और उस स्थिति में व्यापारियों को पहले से सूचना दी जाएगी।

प्रश्न: व्यापारियों ने दुकानें क्यों बंद रखी थीं?

उत्तर: वन-वे व्यवस्था के विरोध में शनिवार को करीब 400 दुकानदारों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। उनका कहना था कि त्योहारी सीजन में रास्ते बदले जाने से ग्राहकों की आवाजाही ठप हो गई है और धंधा बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

प्रश्न: बैठक में पुलिस की ओर से कौन-कौन शामिल हुआ?

उत्तर: डीसीपी ट्रैफिक प्रवीण नायक, एडिशनल डीसीपी हरिप्रसाद सोमानी और अतिरिक्त डीसीपी डॉ. हेमंत जाखड़ समेत संबंधित पुलिस अधिकारी। व्यापारियों की ओर से अध्यक्ष सुभाष गोयल और महामंत्री सुरेश सेनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ।

प्रश्न: बाजारों में अतिक्रमण रोकने के लिए क्या फैसला हुआ?

उत्तर: संबंधित मार्ग पर अस्थायी अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस के साथ व्यापार मंडल भी जिम्मेदारी निभाएंगे और बाजारों में वॉलंटियर्स लगाए जाएंगे, जो पुलिस के साथ समन्वय करके यातायात सुगम बनाएंगे।

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