मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार, 17 अक्टूबर को जोधपुर के ग्राम केलावा खुर्द पहुंचे, जहां उन्होंने संत मुरलीधर महाराज के सानिध्य में दिव्य राम कथा सुनी और नवकुंडीय यज्ञ में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने बड़ा संदेश दिया — आज का समाज अधिकारों की तो बात करता है, लेकिन कर्तव्यों को पीछे छोड़ रहा है। रामराज की स्थापना भी कर्तव्यपालन से ही हुई थी। भजनलाल शर्मा राम कथा के इस कार्यक्रम में वे करीब सवा दो घंटे रुके और कार्यकर्ताओं से संवाद भी किया।
भजनलाल शर्मा राम कथा में बोले — संबोधन की 5 बड़ी बातें
राम कथा के मंच से मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति, पारिवारिक संस्कारों और कर्तव्यों पर विस्तार से बात की। मुख्य बिंदु ये रहे:
1. अधिकारों के साथ कर्तव्य भी समझें: लोग अधिकारों के प्रति तो जागरूक हैं, लेकिन कर्तव्यों के प्रति भी उतने ही सजग रहें। पुत्र, बेटी, माता-बहन — परिवार के हर सदस्य को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
2. रामराज कर्तव्यपालन से बना: रामराज की स्थापना कर्तव्यों के पालन से हुई थी। आदर्श समाज का निर्माण कर्तव्यनिष्ठा, संस्कार और नैतिक मूल्यों पर ही संभव है।
3. कानून बदलते हैं, संस्कार नहीं: कानून समय के साथ बदलते हैं, लेकिन भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं। बड़ों का मान-सम्मान हमारी संस्कृति की बुनियाद है।
4. संत समाज दिशा दिखाता है: “हमारे संत-महंत समाज और देश को दिशा दिखाते हैं तथा आमजन को जीवन जीने की सही राह बताते हैं।” संत लोगों को सही-गलत का अंतर समझाकर गलत राह से बचाते हैं।
5. ‘मैं ईश्वरवादी व्यक्ति हूं’: मुख्यमंत्री ने कहा कि राम कथा के प्रति उनकी विशेष श्रद्धा रही है और वे पहले भी बिना निमंत्रण के कथा सुनने पहुंच जाते थे। श्रीकृष्ण की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कर्म को जीवन का आधार बताया।
केलावा खुर्द में क्या-क्या हुआ — यज्ञ, आरती और मंदिर दर्शन
जोधपुर के केलावा खुर्द स्थित रघुवंशपुरम आश्रम में भजनलाल शर्मा राम कथा कार्यक्रम संत मुरलीधर महाराज के सानिध्य में हुआ। मुख्यमंत्री ने कथा का श्रवण किया, समापन पर आरती में भाग लिया और नवकुंडीय यज्ञ में भी शिरकत की। नवकुंडीय यज्ञ यानी नौ कुंडों में एक साथ किया जाने वाला विशेष हवन, जिसे धार्मिक परंपरा में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने अर्धनारीश्वर मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की थी। कथा स्थल पर उन्होंने मुरलीधर महाराज के चरणों में प्रणाम किया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भजनलाल शर्मा राम कथा कार्यक्रम की समय सारणी
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से शनिवार सुबह जारी प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक यह दौरा पूरी तरह तयशुदा था — जयपुर से वापसी तक कुल 4 घंटे 35 मिनट।
| समय | कार्यक्रम |
|---|---|
| प्रातः 11:00 | जयपुर एयरपोर्ट से प्रस्थान |
| प्रातः 11:45 | जोधपुर एयरपोर्ट पहुंच |
| दोपहर 12:05 | हेलीपैड, ग्राम केलावा खुर्द (तहसील बावड़ी) पहुंच |
| दोपहर 12:15–1:15 | दिव्य राम कथा एवं नवकुंडीय यज्ञ — केशव प्रिया गौशाला, केलावा खुर्द |
| दोपहर 1:20–2:20 | कार्यकर्ताओं के साथ संवाद — सभागार, केशव प्रिया गौशाला |
| दोपहर 2:30 | हेलीपैड, केलावा खुर्द से प्रस्थान |
| दोपहर 2:45 | जोधपुर एयरपोर्ट पहुंच |
| अपराह्न 3:35 | जयपुर एयरपोर्ट पहुंच |
| सायं 6:30–7:00 | पत्रकार कल्याण हेतु नवीन आवासीय योजना का शुभारंभ — कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान, जयपुर |
दोपहर में केशव प्रिया गौशाला के सभागार में उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवाद भी किया। शाम को जयपुर लौटकर उन्होंने पत्रकार आवास योजना का शुभारंभ किया, जिसमें जयपुर के इंदिरा गांधी नगर में पत्रकारों के लिए 144 फ्लैटों की योजना शुरू की गई।
साथ रहे केंद्रीय मंत्री और दिग्गज नेता
भजनलाल शर्मा राम कथा कार्यक्रम में कई बड़े नेता और जनप्रतिनिधि साथ रहे। मंच पर उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से भी अहम बना दिया:
- गजेंद्र सिंह शेखावत — केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री
- जोगाराम पटेल — संसदीय कार्य मंत्री
- के.के. विश्नोई — उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री
- पी.पी. चौधरी — सांसद
- भैराराम सियोल — विधायक
अन्य विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे। जोधपुर क्षेत्र से आने वाले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी मारवाड़ की राजनीति के लिहाज से खास रही।
मुरलीधर महाराज से पुराना नाता — पिता भी सुन चुके हैं कथा
भजनलाल शर्मा राम कथा के मंच से मुरलीधर महाराज के साथ अपने पुराने संबंधों का भी जिक्र किया — उनके पिता भी कई बार आश्रम आकर महाराज की कथा सुन चुके हैं। इससे उनके परिवार की धार्मिक परंपराओं और कथा-श्रवण के प्रति श्रद्धा सामने आई।
उन्होंने राम कथा के साथ भागवत कथा और हनुमान कथा के प्रति भी आस्था जताई। संतों का सान्निध्य जीवन के मूल्यों को समझने का अवसर देता है, और धार्मिक कथाओं से पारिवारिक जिम्मेदारी, सामाजिक व्यवहार और अनुशासन का संदेश मिलता है।
क्यों अहम है मुख्यमंत्री का यह दौरा
भजनलाल शर्मा राम कथा के मंच से अधिकारों के साथ कर्तव्यों की बात कही गई, जो उनके शासन के मूल दर्शन से भी जुड़ती है। दूसरी अहम वजह मारवाड़ क्षेत्र है — जोधपुर और आसपास पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां चल रही हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री का कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।
इससे पहले मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात कर चुके हैं और सीकर में खाटूश्याम जी के दर्शन भी किए थे। भजनलाल शर्मा राम कथा जैसे धार्मिक आयोजनों में नियमित दिखते हैं, जो उनकी सार्वजनिक छवि का हिस्सा बनता जा रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट (cmo.rajasthan.gov.in) पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों और घोषणाओं की जानकारी उपलब्ध रहती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 17 अक्टूबर को कहां गए थे? उत्तर: वे जोधपुर के ग्राम केलावा खुर्द (तहसील बावड़ी) स्थित रघुवंशपुरम आश्रम गए थे, जहां संत मुरलीधर महाराज के सानिध्य में दिव्य राम कथा और नवकुंडीय यज्ञ हुआ था।
प्रश्न 2: राम कथा में मुख्यमंत्री ने क्या संदेश दिया? उत्तर: आज समाज अधिकारों की बात तो करता है, लेकिन कर्तव्यों को पीछे छोड़ रहा है। रामराज की स्थापना कर्तव्यपालन से हुई थी — हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारियां समझनी चाहिए।
प्रश्न 3: कार्यक्रम में कौन-कौन बड़े नेता मौजूद थे? उत्तर: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सांसद पी.पी. चौधरी और विधायक भैराराम सियोल समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रश्न 4: मुख्यमंत्री जोधपुर में कितनी देर रुके? उत्तर: वे दोपहर 12:05 बजे केलावा खुर्द पहुंचे और 2:30 बजे रवाना हुए — करीब सवा दो घंटे। जयपुर से वापसी तक पूरा दौरा 4 घंटे 35 मिनट का रहा।
स्रोत: jagoindiajago.news (प्रकाशन: 17 अक्टूबर 2026, 15:50 IST), rajpanchhi.com (17 अक्टूबर 2026)