राजस्थान के नागौर जिले में स्थित मेड़ता कृषि उपज मंडी ने केवल प्रदेश की बल्कि देश के प्रमुख मंडियों में से एक मानी जाती है विशेष रूप से मूंग, जीरा और सौंफ के व्यापार के लिए यह मंडी पूरे भारत में प्रसिद्ध है आज 13 मई 2026 को मंडी खुलते ही फसलों की आवक और भावों में काफी हलचल देखने को मिली
यदि आप एक किसान है या व्यापारी तो अपनी उपज बेचने से पहले आज के सटीक भाव जान लेना आपके लिए बहुत जरूरी है इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको मेड़ता मंडी के सभी प्रमुख भावों के न्यूनतम, मध्य और अधिकतम भावों की विस्तृत जानकारी देने वाले हैं
मेड़ता मंडी का महत्व और आज का बाजार रुझान
मेड़ता मंडी को मूंग की राजधानी भी कहा जाता है यहां की मिट्टी और जलवायु के कारण यहां पैदा होने वाली मूंग की गुणवत्ता उत्कृष्ट होती है जिसकी मांग विदेशों तक रहती है आज के बाजार विश्लेषण की बात करें तो जीरा और सौंफ में पिछले सप्ताह के मुकाबले स्थिरता देखी जा रही है जबकि इसबगोल के भावों में हल्की तेजी दर्ज की गई है
मंडी विशेष आयोग के अनुसार इस समय यह मांग और आपूर्ति का संतुलन बना हुआ है जिससे किसानों को अपनी उपज का सही मूल्य मिल रहा है
आज के मंडी भाव 13 मई 2026
नीचे दी गई सारणी में आज के आधिकारिक भाव दर्शाए गए हैं कृपया ध्यान दें कि यह भाव प्रति क्विंटल के आधार पर है
| क्रमांक | जिंस (Crop Name) | अधिकतम भाव (₹) | मध्यम भाव (₹) | न्यूनतम भाव (₹) |
| 1 | मूंग | ₹7000 – 7300 | ₹6000 – 7000 | ₹5000 – 6000 |
| 2 | जीरा | ₹18000 – 20000 | ₹17000 – 18000 | ₹16000 – 17000 |
| 3 | ईसबगोल | ₹14000 | ₹12200 | ₹11000 |
| 4 | सौंफ | ₹12000 | ₹11000 | ₹7500 |
| 5 | रायड़ा (40% Fat) | ₹7000 | ₹6600 – 6871 | ₹6300 |
| 6 | सुवा | ₹7500 | ₹6500 | ₹5500 |
| 7 | असालिया | ₹5850 | ₹5600 | ₹4800 |
| 8 | तारामीरा | ₹5350 | ₹5200 | ₹4900 |
| 9 | ग्वार | ₹5280 | ₹5100 | ₹4950 |
| 10 | चना | ₹5050 | ₹4900 | ₹4750 |
प्रमुख फसलों का विश्लेषण
मूंग के भाव
मेड़ता मंडी में आज मूंग की आवक अच्छी रही बेहतरीन क्वालिटी का मूंग 7300 प्रति क्विंटल तक बिका मध्यम श्रेणी का मूंग ₹6000 से ₹7000 के बीच बना हुआ है आने वाले दिनों में मूंग की कीमतों में सुधार की संभावना जताई जा रही है क्योंकि मिल की मांग बढ़ रही है
जीरा का बाजार
जीरा वर्तमान में सबसे महंगी फसल बनी हुई है आज जीरे के उच्चतम भाव ₹20000 प्रति क्विंटल तक पहुंचे निर्यात की मांग और घरेलू खपत में वृद्धि चलते जीरे के भाव मजबूत बने हुए हैं